प्रतिभूति बाजार पर रांची में जागरूकता कार्यक्रम, निवेशकों को दी जानकारी

रांची : रांची में प्रतिभूति बाजार और निवेश से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने सेबी स्मार्ट ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर आज यानी मंगलवार को बॉन्ड और डेट सिक्योरिटीज पर कार्यक्रम किया।

प्रतिभूति बाजार
रांची में प्रतिभूति बाजार पर कार्यक्रम

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रांची : रांची में प्रतिभूति बाजार और निवेश से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने सेबी स्मार्ट ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर आज यानी मंगलवार को बॉन्ड और डेट सिक्योरिटीज पर कार्यक्रम किया। कार्यक्रम का आयोजन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा, सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना और रांची के न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व डालसा सचिव राकेश रौशन ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर हुई। मंच का संचालन डालसा सचिव राकेश रौशन ने किया।

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क्या है प्रतिभूति बाजार, कार्यक्रम में समझाया गया

कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रतिभूति बाजार यानी सिक्योरिटीज मार्केट के बारे में जानकारी दी। प्रतिभूति क्या होती है, बाजार की संरचना कैसी है, इसमें कौन-कौन लोग शामिल होते हैं और प्रतिभूति बाजार का महत्व क्या है, इन मुद्दों पर चर्चा की गई। न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रतिभूति बाजार वित्तीय प्रणाली का बहुत अहम हिस्सा है। यह निवेशकों की बचत को कारोबार और उद्योगों तक पहुंचाने का काम करता है। उन्होंने आसान भाषा में समझाया कि प्रतिभूति बाजार ऐसा मंच है, जहां शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसी अलग-अलग प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री होती है।

शेयर और बॉन्ड में क्या अंतर है, बताया

प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, रांची पवन कुमार ने प्रतिभूतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिभूतियां ऐसे वित्तीय साधन हैं, जिन्हें कंपनियां या सरकारें पूंजी जुटाने के लिए जारी करती हैं। उन्होंने प्रतिभूतियों को मुख्य रूप से दो हिस्सों में समझाया। पहला इक्विटी, जिसमें शेयर शामिल हैं और जो किसी कंपनी में हिस्सेदारी या मालिकाना हक दिखाते हैं। दूसरा डेट, जिसमें डिबेंचर और बॉन्ड आते हैं। ये एक तरह के ऋण या लोन से जुड़े दस्तावेज होते हैं, जिन पर निश्चित ब्याज मिलता है।

बॉन्ड और डेट सिक्योरिटीज को आसान भाषा में समझाया

डालसा सचिव राकेश रौशन ने बॉन्ड और डेट सिक्योरिटीज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बॉन्ड को आसान भाषा में एक औपचारिक आईओयू की तरह समझा जा सकता है। इसमें निवेशक किसी सरकार या कॉर्पोरेट संस्था को पैसा उधार देता है और बदले में उसे नियमित ब्याज मिलता है। उन्होंने बॉन्ड से जुड़े अंकित मूल्य, कूपन दर और परिपक्वता तिथि को भी आसान तरीके से समझाया।

निवेशकों की शिकायतों के लिए सिस्टम हुआ अपग्रेड

सेबी स्मार्ट ऑर्गनाइजेशन के आलोक कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के नए दिशा-निर्देशों और निवेशकों की शिकायतों के जल्दी समाधान के लिए सिस्टम के प्लेटफॉर्म को पूरी तरह अपग्रेड किया गया है। उन्होंने बताया कि नए सिस्टम का मकसद प्रतिभूति बाजार में शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, स्वचालित और समयबद्ध बनाना है।

धोखाधड़ी से बचने के लिए बताए जरूरी तरीके

बीएसई के किरण और राजदीप ने निवेशकों की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड समय-समय पर निवेशकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसकी जानकारी देता है। कार्यक्रम में निवेशकों को प्रतिभूति बाजार से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने और उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी रखने पर भी जोर दिया गया।

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