रांची : कांके के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) में क्लिनिकल मनोविज्ञान की एक ट्रेनी छात्रा ने एम.फिल. के छात्र सार्थक चौधरी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। छात्रा के बयान पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस CCTV फुटेज और कॉल डंप खंगालकर पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई है।
Read More : दुमका में कारोबारी के घर चोरी, खिड़की का ग्रिल उखाड़कर घुसे चोर
साइकोमेट्री सीखने के लिए कमरे में गई थी छात्रा
पीड़िता के आवेदन के अनुसार, वह CIP में क्लिनिकल मनोविज्ञान की प्रशिक्षु (ट्रॉईनी) के रूप में कार्यरत थीं और पोस्ट ग्रेजुएट हॉस्टल में रहती थीं। एम.फिल. क्लिनिकल मनोविज्ञान के छात्र सार्थक चौधरी को हॉस्टल का कमरा नंबर 54 आवंटित था। आवेदन में बताया गया है कि हॉस्टल में लड़कों के कमरों में जाने की अनुमति थी। इसी वजह से पीड़िता 28 जून की रात करीब 10 बजे साइकोमेट्री सीखने के उद्देश्य से सार्थक चौधरी के कमरे में गई थीं। कुछ देर अभ्यास करने के बाद पीड़िता को चक्कर आने लगे। आरोप है कि इस पर सार्थक चौधरी ने अपनी स्टील की बोतल से उन्हें पानी दिया। पहले हिचकिचाने के बाद उसके आग्रह पर पीड़िता ने पानी पी लिया।
बंद कमरे में दुष्कर्म का आरोप
शिकायत के अनुसार, पानी पीने के बाद आरोपी ने पीड़िता को बिस्तर पर आराम करने के लिए कहा। पीड़िता ने इसका विरोध किया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद बंद कमरे में उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन यौन संबंध बनाया गया। पीड़िता ने शिकायत में मुंह ढकने और गर्दन पर दांत के निशान होने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि पानी में कुछ मिला होने के कारण वह पूरी तरह होश में नहीं थीं। पीड़िता के अनुसार, उन्हें 29 जून की सुबह करीब 5 बजे कमरे से जाने दिया गया। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान भय और पीड़ा के कारण वह तत्काल अपनी बात व्यक्त नहीं कर पाई थीं।
CCTV और कॉल डंप खंगालेगी पुलिस
घटना के संबंध में कांके थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस टीम संस्थान पहुंचकर CCTV फुटेज की जांच करेगी, ताकि मामले से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सके। इसके अलावा, घटना वाले दिन का कॉल डंप भी निकाला जाएगा। पुलिस इसके जरिए पीड़िता और आरोपी के लोकेशन से जुड़ी जानकारी की जांच करेगी। पीड़िता ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।





