रांची:  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर  गुरुवार को पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन पासवा ने मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में 1001 दीप प्रज्वलित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। संध्या 6:00 बजे आयोजित कार्यक्रम में पासवा वॉलिंटियर्स ने पूरे बापू वाटिका को दीपों से सजा दिया। दीपों की जगमगाहट में बापू की आदमकद प्रतिमा की छटा देखते ही बन रही थी।
कार्यक्रम में पासवा के संरक्षक एवं झारखंड के पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव, राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव, महासचिव डॉ. राजेश गुप्ता, राजीव रंजन प्रसाद, मेंहुल दूबे,मृत्युंजय कुमार, फिरोज रिजवी मुन्ना,विनय कुमार सिंह, बबलू बर्मा,सोनिया कुमारी,रौशन मुण्डा ने बापू की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्शों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि सफल राष्ट्र के निर्माण के लिए गांधी जी के सिद्धांत साधन और साध्य दोनों की पवित्रता को अपनाने की आवश्यकता है। दीपोत्सव हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देता है और गांधी जी का जीवन भी सत्य एवं प्रकाश का मार्ग दिखाता है।
पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि महात्मा गांधी के दर्शन और उनके लोकतांत्रिक मूल्यों से ही भारत का लोकतंत्र और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, न्याय, सद्भाव और नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
पासवा उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा समानता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी के दर्शन वर्तमान युग में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।
डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि गांधी जी के विचार समाज में समानता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम के दौरान बापू वाटिका में दीपों की रोशनी ने श्रद्धांजलि सभा को भावपूर्ण और आकर्षक बना दिया।
वरिष्ठ समाजसेवी राजीव रंजन प्रसाद ने कहा आज जिस तरह से दुनिया बारूद के ढेर पर खड़ी है ऐसे में गांधी के अहिंसा का मार्ग पूरी दुनिया के लिए एक आईना है जिस रास्ते पर चलकर दुनिया में अमन और शांति ला सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान संविधान, लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा करने, भारत की संप्रभुता, एकता एवं अखंडता के प्रति निष्ठा रखने तथा प्रत्येक नागरिक के मताधिकार, स्वतंत्रता, समानता और सम्मान का आदर करने का संकल्प लिया गया।
संकल्प में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए जागरूक नागरिक की भूमिका निभाने, बिना भय, लालच, दबाव या भेदभाव के मतदान करने तथा दूसरों के मताधिकार का सम्मान करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
साथ ही सत्य, अहिंसा, सद्भाव और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संवाद के मार्ग पर चलने तथा नफरत, हिंसा, अफवाह और विभाजनकारी प्रवृत्तियों का विरोध करने का संकल्प लिया गया। सत्ता से प्रश्न पूछने, अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने के लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की भी प्रतिबद्धता जताई गई।
कार्यक्रम में कहा गया कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, नागरिक अधिकारों, जवाबदेही और जनभागीदारी की निरंतर प्रक्रिया है। इसे मजबूत बनाने में प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
राष्ट्र एवं लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प 
हम भारत के नागरिक, आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पावन स्मृति में यह संकल्प लेते हैं कि—
हम सत्य, अहिंसा, न्याय और सद्भाव के मार्ग पर चलेंगे।
हम अपने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे।
हम संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करेंगे।
हम प्रत्येक नागरिक के अधिकार, सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सदैव सजग रहेंगे।
हम नफरत, हिंसा, भेदभाव और असत्य का विरोध करेंगे।
हम अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे और देशहित को सर्वोपरि रखेंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पासवा के अनिकेत कुमार, मेंहुल दूबे, विशाल सिंह, रिया कुमारी, मृत्युंजय कुमार, संजय तिर्की, प्रियंका कुमारी, निकोदीम सोय, विशाखा कुमारी, साक्षी प्रिया, नन्दिनी कुमारी, मो. अजहर, मो. शाहिद, मो. शैफ, मो. जाबिर, मो. कैफ, मो. खालिद, अटल कुमार, आकांक्षा आनंद एवं सुशांत कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।