नई दिल्ली/रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद मामले को दूसरी पीठ के समक्ष भेज दिया। अब याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी।
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इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और JPSC समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच CBI से कराने की मांग की गई है। अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, झारखंड सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा था।
हरिशरण देवगन ने दाखिल की जनहित याचिका
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने दाखिल की है। याचिका में JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच CBI से कराने की मांग की गई है। याचिका में राज्य स्तर पर चल रही जांच को CBI को सौंपने की मांग की गई है। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठाए गए सवालों की जांच की मांग की गई है।
OMR और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
याचिकाकर्ता ने परीक्षा से जुड़े मूल OMR शीट, अभ्यर्थियों की कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी और उपस्थिति रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की है। इसके अलावा बायोमेट्रिक डेटा, परीक्षा केंद्रों की CCTV फुटेज, स्कैनिंग रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा को भी सुरक्षित रखने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि इन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने से जांच के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को रोका जा सकेगा। याचिका में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की मांग भी की गई है।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने भी दाखिल की हस्तक्षेप याचिका
इस मामले में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से भी दो हस्तक्षेप याचिकाएं दाखिल की गई हैं। मंच की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है। JPSC परीक्षा को लेकर झारखंड में अभ्यर्थी और छात्र संगठन लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। मामले में राज्य स्तर पर CID जांच भी चल रही है।
हाईकोर्ट में भी लंबित हैं मामले
JPSC की नियुक्तियों और परीक्षाओं से जुड़े मामले झारखंड हाईकोर्ट में भी लंबित हैं। हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षाओं के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा रखी है। सुप्रीम कोर्ट में अब मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह दूसरी पीठ के समक्ष होगी। याचिका में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।


