रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में सोमवार को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में पुतला दहन का निर्णय लिया है। पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि इस कार्यक्रम के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की जाएगी। पार्टी राष्ट्रपति से भी इस संबंध में कार्रवाई की मांग करेगी।
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10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति का दावा
झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कुछ फैसलों पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। पार्टी के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और नाम बहाल करने के साथ-साथ मतदाता डेटा से जुड़े फैसले शामिल थे। हालांकि, यह दावा झामुमो की ओर से किया गया है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त तथा सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त के रूप में दर्ज हैं।
SIR को लेकर झामुमो ने क्या आरोप लगाया?
झामुमो का आरोप है कि अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद SIR के तहत मतदाता सूची में बदलाव और नाम हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सूची और सेवाओं के विकल्प भी उपलब्ध हैं।
राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग
झामुमो ने राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनाव प्रक्रिया में लोगों के भरोसे को बनाए रखने के लिए इस मामले में कार्रवाई जरूरी है। पार्टी के अनुसार, 28 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में झामुमो की जिला समितियों के साथ केंद्रीय समिति के पदाधिकारी और सदस्य, सांसद, विधायक, कार्यकर्ता तथा विभिन्न वर्ग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।



