गिरिडीह : सीसीएल गिरिडीह कोलियरी के लंकास्टर अस्पताल परिसर में रविवार को भी भू-धंसान का सिलसिला जारी रहा। शनिवार रात शुरू हुई जमीन धंसने की घटना के बाद रविवार को अस्पताल परिसर के कई और भवन क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गये। एक सीसीएल कर्मचारी का क्वार्टर भी ढह गया।
लगातार हो रहे भू-धंसान से अस्पताल परिसर में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिजनों में दहशत है। कई परिवार अपने क्वार्टर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गये हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार सुबह गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गेवाल ने भी घटनास्थल का दौरा किया।
दीवारों में बढ़ती गयीं दरारें, कई भवन हुए क्षतिग्रस्त
रविवार सुबह अस्पताल भवन की दीवारों में दरारें बढ़ती गयीं। इसके बाद प्लास्टर टूटकर गिरने लगा और परिसर के कई भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गये।
जमीन लगातार धंसने के कारण परिसर में रहने वाले लोगों को जान-माल की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है। मौके पर भू-धंसान का सिलसिला जारी रहने से लोगों में भय का माहौल है।
पहले भी धंस चुकी है जमीन, अवैध खनन का किया गया उल्लेख
गिरिडीह क्षेत्र में अस्पताल परिसर के आसपास पहले भी भू-धंसान की घटना सामने आ चुकी है। 23 सितंबर को उपायुक्त रामनिवास यादव ने सीसीएल क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान रीजनल हॉस्पिटल के समीप भू-धंसान स्थल का जायजा लिया था।
उस दौरान सीसीएल अधिकारियों ने क्षेत्र में पूर्व में हुई अवैध खनन गतिविधियों और उससे बने भूमिगत खाली स्थानों की जानकारी दी थी। इन इलाकों की पहचान कर बैकफिलिंग के प्रयास किये जा रहे हैं।
करीब एक माह पहले भी ध्वस्त हुए थे तीन भवन
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कोयले के अवैध खनन के कारण भू-धंसान की स्थिति बनी है। करीब एक माह पहले भी इसी परिसर में भू-धंसान से अस्पताल के तीन भवन ध्वस्त हो गये थे।
इसके बाद सीसीएल प्रबंधन ने एहतियातन अस्पताल परिसर की घेराबंदी करायी थी और कर्मचारियों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने का निर्देश दिया था। भू-धंसान के कारणों को लेकर सीसीएल अधिकारियों ने पूर्व में हुई अवैध खनन गतिविधियों और भूमिगत खाली स्थानों का उल्लेख किया है।
सुरक्षित आवासों में शिफ्ट किये जा रहे लोग : पीओ
गिरिडीह कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी (पीओ) जीएस मीणा ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से सभी जरूरी कदम उठाये गये हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व की घटना के बाद कई लोग अन्यत्र आवंटित सुरक्षित आवासों में शिफ्ट हो चुके हैं।
पीओ के अनुसार, बचे हुए लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। घटनास्थल की घेराबंदी की जा रही है और सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिया गया है। प्रबंधन की प्राथमिकता परिसर में रह रहे कर्मचारियों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
लगातार भू-धंसान से कर्मचारियों में दहशत
अस्पताल परिसर में लगातार हो रहे भू-धंसान से कर्मचारियों और उनके परिजनों के बीच भय का माहौल है। भवनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रबंधन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है।




