रांची : दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व के तहत बुधवार को पर्यूषण पर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रांची में चातुर्मास के लिए ससंघ विराजमान परम पूज्य आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज और मुनिश्री नियोग सागर जी महाराज के सानिध्य में विशेष प्रवचन सभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने कहा कि त्याग केवल धन या बाहरी वस्तुओं को छोड़ना नहीं है। अपनी आत्मा से मोह, राग-द्वेष और अहंकार का विसर्जन करना ही वास्तविक उत्तम त्याग है।
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उन्होंने कहा कि जब तक भीतर की आसक्ति समाप्त नहीं होती, तब तक बाहर से किया गया दान या त्याग सच्चा त्याग नहीं कहलाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुएं से पानी निकालने पर वह खाली नहीं होता, बल्कि उसमें नया और शुद्ध जल भर जाता है। इसी प्रकार निस्वार्थ भाव से त्याग करने वाले व्यक्ति का जीवन आत्मिक शांति से भरता है।
परिग्रह को बताया दुखों का मूल कारण
मुनिश्री नियोग सागर जी महाराज ने कहा कि संसार में परिग्रह दुखों का मूल कारण है। उत्तम त्याग धर्म मनुष्य को अपनी आवश्यकताओं को सीमित करने और समाज के कल्याण के लिए सामर्थ्य के अनुसार दान देने की प्रेरणा देता है। जैन दर्शन के अनुसार ज्ञानी और आत्मसंयमी संतों को भक्तिपूर्वक आहार, औषधि और शास्त्र का दान देना श्रावक का परम कर्तव्य बताया गया है।
अपर बाजार जैन मंदिर में हुआ सामूहिक पूजन
अपर बाजार जैन मंदिर के बड़े हॉल में वाद्य यंत्रों के साथ संगीतमय सामूहिक पूजन किया गया। विद्वान प्रदीप जी शास्त्री पियूष ने पूजन के बाद शास्त्र वाचन और मंडल पूजन कराया। इस अवसर पर संजीव कुमार, पंकज कुमार, अंकित कुमार, हार्दिक गंगवाल परिवार और संजय कुमार, अभिषेक कुमार बेनाड़ा परिवार की ओर से अपर बाजार मंदिर में शांतिधारा की गई। वासुपूज्य जिनालय में महेंद्र कुमार, वचन कुमार सेठी परिवार और कैलाशचंद, विकास कुमार पांड्या परिवार की ओर से शांतिधारा की गई। सामूहिक पूजन के दौरान पारसमल, महावीर प्रसाद, सुभाष कुमार, सुनील कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, अभिनंदन कुमार बड़जात्या परिवार, कमल कुमार, निशांत कुमार बेनाड़ा परिवार, महेंद्र कुमार, मनोज कुमार, पंकज कुमार, विशाल कुमार झांझरी परिवार और धर्मचंद, नवनीत कुमार पाटोदी परिवार ने शांतिधारा की। इस मौके पर समाज के कुछ परिवारों ने जगत कल्याण के लिए औषधि और शास्त्र दान का सौभाग्य प्राप्त किया।
25 सितंबर को निकलेगी शोभायात्रा
जैन समाज के अनुसार 25 सितंबर को वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। इसी दिन अपराह्न 2 बजे से अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। समाज के अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल और मंत्री जीतेन्द्र छाबड़ा ने समाज के लोगों से शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का अनुरोध किया है। यह जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।




