बिनोद बिहारी महतो की जयंती पर बोले सुदेश, शिक्षा-रोजगार पर जोर जरूरी

रांची : झारखंड आंदोलन के नेता और समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो तथा पूर्व सांसद एवं विधायक स्व. राज किशोर महतो की जयंती पर बुधवार को सिल्ली और आजसू पार्टी मुख्यालय, रांची में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। आजसू पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो

बिनोद बिहारी महतो

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रांची : झारखंड आंदोलन के नेता और समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो तथा पूर्व सांसद एवं विधायक स्व. राज किशोर महतो की जयंती पर बुधवार को सिल्ली और आजसू पार्टी मुख्यालय, रांची में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। आजसू पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों एवं संघर्षों को याद किया।

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बिनोद बिहारी महतो का जन्म 23 सितंबर 1923 को धनबाद जिले के बलियापुर प्रखंड के बड़ादाहा गांव में हुआ था। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया और ‘पढ़ो और लड़ो’ का संदेश दिया। वे झारखंड आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में रहे और बिहार विधानसभा के सदस्य रहने के साथ 1991 में गिरिडीह से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। राज किशोर महतो का जन्म भी 23 सितंबर 1946 को हुआ था। वे गिरिडीह से लोकसभा सांसद रहे और टुंडी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 2014 के विधानसभा चुनाव में वे आजसू पार्टी के टिकट पर टुंडी से निर्वाचित हुए थे।

शिक्षा और रोजगार को लेकर सुदेश महतो ने उठाए सवाल

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सुदेश महतो ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसमें शिक्षा, स्वाभिमान, रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकार केंद्र में थे। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़े सवाल हैं। उनके मुताबिक युवाओं ने मेहनत और उम्मीद के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की खबरें चिंता पैदा करती हैं। सुदेश महतो ने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है।

भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत: सुदेश

सुदेश महतो ने कहा कि जिस राज्य के आंदोलनकारियों ने शिक्षा को परिवर्तन का माध्यम माना, वहां युवाओं को रोजगार और निष्पक्ष अवसर के लिए संघर्ष करना पड़े, यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर, पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण को प्राथमिकता देनी होगी।

सिल्ली और रांची में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम

सिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, केंद्रीय सचिव सुशील महतो, रांची जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, सिल्ली प्रखंड प्रमुख जितेंद्र बड़ाइक, झारखंड आंदोलनकारी लक्ष्मी महतो समेत कई पदाधिकारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। आजसू पार्टी मुख्यालय, रांची में आयोजित कार्यक्रम में बुद्धिजीवी मंच के महासचिव मुकुंद चंद्र मेहता, पार्टी प्रवक्ता ज्ञान सिन्हा, केंद्रीय सचिव हरीश कुमार, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान, आजसू छात्रसंघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चेतन सिंह, प्रताप सिंह, राजेश सिंह, अमन साहू, सौरभ यादव, राज दुबे, अंकित कुमार, उमेश कुमार और रोहित शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया।

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