गिरिडीह : झारखंड में सरकारी कामकाज के एवज में रिश्वत मांगने वाले भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरिडीह जिले के साइबर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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केस डायरी भेजने के नाम पर मांगी थी 30 हजार रुपये की घूस
मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता जीवलाल मंडल ने एसीबी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साइबर थाना कांड संख्या 24/26 की केस डायरी अदालत भेजने के बदले में सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम द्वारा 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी की ओर से एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।
रिश्वत लेते ही ACB टीम ने दबोचा, पूछताछ जारी
बुधवार को तय योजना के तहत शिकायतकर्ता जीवलाल मंडल ने जैसे ही सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को 30 हजार रुपये की राशि दी, आसपास सादे लिबास में तैनात एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
झारखंड में लगातार जारी है जांच एजेंसियों का क्रैकडाउन
राज्य में रिश्वतखोरी के खिलाफ हाल के दिनों में यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है :
3 सितंबर : गुमला जिले के पालकोट प्रखंड कार्यालय में एसीबी ने ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर हरीश प्रजापति को सरकारी काम के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
अगस्त के अंतिम सप्ताह : सीबीआई की रांची एंटी करप्शन ब्रांच ने क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में छापेमारी कर वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष महतो, सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सुजीत सिंह को सीआईएसएफ कर्मियों के बिल निपटारे के एवज में 48,400 रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था।
20 अगस्त : एसीबी जमशेदपुर की टीम ने पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव थाना प्रभारी सह सब-इंस्पेक्टर मनीष कुमार को एक मामले में शिकायतकर्ता का पक्ष लेने के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।






