जमशेदपुर: शहर के सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुमुहानी के पास उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एलपीजी गैस से भरे एक बड़े टैंकर में अचानक तकनीकी खराबी के कारण गैस रिसाव शुरू हो गया। टैंकर में भारी मात्रा में अत्यधिक ज्वलनशील एलपीजी गैस लदी हुई थी। अगर समय रहते स्थिति पर काबू न पाया जाता या किसी वाहन से निकली एक छोटी सी चिंगारी भी गैस के संपर्क में आ जाती, तो इलाके में भीषण विस्फोट और तबाही मच सकती थी, हालांकि, टैंकर चालक की सूझबूझ, स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी टीम की मुस्तैदी के कारण एक बेहद दर्दनाक हादसा टल गया।
चालक की सतर्कता ने दिखाई राह, टला बड़ा हादसा
घटना के वक्त टैंकर सोनारी दुमुहानी मार्ग से गुजर रहा था। अचानक चालक की नजर टैंकर से हो रहे गैस रिसाव पर पड़ी। स्थिति की भयानकता और खतरे को भांपते हुए चालक ने बिना एक पल गंवाए वाहन को तुरंत सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया। उसने बिना घबराए तत्काल अपनी संबंधित गैस कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को फोन कर घटना की पूरी जानकारी दी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, दोनों ओर से रोक दी गई आवाजाही
सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची. रिसाव की तीव्रता और एलपीजी के ज्वलनशील स्वभाव को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए सुरक्षा घेरा बना दिया। एहतियात के तौर पर दुमुहानी मार्ग के दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद और गुजरने वाले सभी वाहनों को घटनास्थल से काफी दूर खड़ा करवा दिया। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी गाड़ी के साइलेंसर से निकलने वाली चिंगारी या मोबाइल का इस्तेमाल गैस के संपर्क में न आए, जिससे कोई बड़ा धमाका हो सके।
तकनीकी टीम ने रिसाव पर पाया काबू
घटना की सूचना के कुछ ही देर भीतर एलपीजी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ तकनीकी टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। तकनीकी दल ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए तुरंत टैंकर का निरीक्षण शुरू किया। विशेषज्ञों ने विशेष उपकरणों की मदद से टैंकर के वाल्व और लीकेज प्वाइंट को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की और कड़ी मशक्कत के बाद रिसाव को पूरी तरह से बंद कर दिया।
एक चिंगारी बन सकती थी तबाही का कारण
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) एक अत्यंत संवेदनशील और तेजी से फैलने वाली गैस है। हवा में इसका फैलाव होते ही आसपास का इलाका एक अदृश्य बारूद के ढेर में बदल जाता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही, माचिस की तीली, बीड़ी-सिगरेट या गाड़ियों की चिंगारी एक भयंकर आग और विस्फोट का रूप ले सकती थी। गनीमत यह रही कि टैंकर चालक ने समय रहते खतरा देख लिया और पुलिस प्रशासन ने बिना कोई जोखिम लिए ट्रैफिक रोक दिया। प्रशासन और कंपनी की त्वरित संयुक्त कार्रवाई की वजह से सोनारी दुमुहानी क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।






