नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने राजधानी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और पीएम सूर्य घर योजना की गति को तेज करने के लिए दिल्ली सौर ऊर्जा नीति में बड़ा संशोधन किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने प्रेसवार्ता कर कैबिनेट द्वारा नीति संशोधनों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी। नए बदलावों के तहत दिल्ली में 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 3 किलोवाट क्षमता तक का सोलर प्लांट पूरी तरह से निःशुल्क लगाया जाएगा।
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प्री-पेमेंट इंसेंटिव और 5 साल तक मुफ्त रखरखाव
संशोधित नीति के अनुसार, सोलर पैनल लगाने पर मिलने वाली 5 वर्षों की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) का भुगतान अब इंस्टालेशन के समय ही अग्रिम कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सोलर प्लांट स्थापित करने वाला वेंडर ही अगले 5 वर्षों तक इसका रखरखाव बिना किसी शुल्क के करेगा। 10 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार का आवेदन शुल्क भी नहीं देना होगा। उपभोक्ताओं को मिलने वाली मौजूदा बिजली सब्सिडी पहले की तरह जारी रहेगी। वहीं, सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को नेट मीटरिंग के माध्यम से पावर ग्रिड को बेचकर उपभोक्ता अपनी मासिक आय भी बढ़ा सकेंगे।
मार्च 2027 तक 2.27 लाख सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य
वर्तमान में दिल्ली की 10,073 छतों पर सोलर पैनल स्थापित हैं, जिनसे 228 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक उत्पादन को 500 मेगावाट करने और मार्च 2027 तक 2.27 लाख छतों पर सोलर पैनल लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे दिल्लीवासियों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी तथा हर घर ऊर्जा उत्पादक बनेगा।




