बेरूत: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बहरीन और कुवैत पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें उकसावे वाली कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये हमले संबंधित देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
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राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति आउन के अनुसार ये घटनाएं युद्ध रोकने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए किए जा रहे क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश हैं। उन्होंने मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन के समर्थकों से तत्काल कदम उठाने की अपील की। साथ ही बहरीन और कुवैत के प्रति लेबनान की पूर्ण एकजुटता भी व्यक्त की।
अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा
शुक्रवार से यूएस सेंटकॉम और इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के बीच तनाव चरम पर बताया जा रहा है। आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में मौजूद आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। संगठन ने इसे ईरानी क्षेत्र पर हालिया अमेरिकी “आक्रामकता” के जवाब में की गई निर्णायक कार्रवाई बताया।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान के तहत रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 2:00 बजे से 3:00 बजे के बीच आठ महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें कुवैत का अली अल सालेम एयरबेस और बहरीन के सलमान पोर्ट स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े का मुख्यालय भी शामिल है।
बहरीन और कुवैत ने जताया विरोध
आईआरजीसी ने दावा किया कि अभियान में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया तथा निशाना बनाए गए ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। संगठन के अनुसार यह कार्रवाई उस कथित हमले के जवाब में की गई, जिसमें पहले दिन ईरान की पांच तटीय चौकियों को निशाना बनाया गया था।
वहीं, बहरीन और कुवैत ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का सीधा और खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की है।




