पुणे: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने एक अहम कदम उठाते हुए रविवार सुबह लोहागढ़ किले पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया। जांच के तहत मुख्य आरोपी सिया गोयल को भी घटनास्थल पर ले जाया गया, जहां डमी बॉडी की मदद से कथित घटनाक्रम को दोहराया गया।
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लोणावला पुलिस की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया के दौरान जांच अधिकारियों ने सिया गोयल से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर घटनाओं का क्रम समझने का प्रयास किया। पुलिस का उद्देश्य अब तक एकत्र किए गए साक्ष्यों का मिलान करना और जांच को और मजबूत करना है।
डमी बॉडी से दोहराया गया पूरा घटनाक्रम
मामले के जांच अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) गजानन टोंपे ने बताया कि आरोपी के बयान के आधार पर घटनास्थल पर पूरी घटना को रीक्रिएट किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि डमी बॉडी की सहायता से घटना के दौरान की परिस्थितियों को दोहराने का प्रयास किया गया, ताकि घटनाओं की पूरी श्रृंखला को बेहतर तरीके से समझा जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।
शादी से पहले रची गई थी हत्या की कथित साजिश
पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल की सगाई पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई थी, लेकिन वह यह शादी नहीं करना चाहती थी। जांच में सामने आया कि सिया का 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।
पूछताछ में सिया ने कथित तौर पर बताया कि तय अरेंज मैरिज से इनकार करने पर परिवार की बदनामी होने का डर था। इसी वजह से दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
18 जून को लोहागढ़ किले पर हुई थी घटना
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर बुलाया गया था। आरोप है कि सुनसान स्थान पर मौका देखकर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्यों, क्राइम सीन रीक्रिएशन और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि सभी साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




