रांची : रांची स्थित रिम्स से होमगार्ड जवानों को हटाने की कथित चर्चा पर झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने विरोध जताया है। संगठन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि अगर जवानों को हटाने की कार्रवाई होती है, तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा।
राजीव कुमार तिवारी ने मीडिया के जरिए झारखंड सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस मामले की ओर खींचा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य के होमगार्ड जवान 365 दिन नियमित ड्यूटी देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। वहीं, दूसरी तरफ रिम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान से जवानों को हटाने की चर्चा चिंता पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवान अपनी ड्यूटी से मिलने वाली आय के सहारे परिवार चलाते हैं। बच्चों की पढ़ाई और घर के दूसरे जरूरी खर्चों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। ऐसे में अगर उन्हें ड्यूटी से हटा दिया जाता है, तो उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ सकती है।
राजीव कुमार तिवारी ने स्वास्थ्य मंत्री और झारखंड सरकार से मांग की है कि रिम्स में तैनात होमगार्ड जवानों को हटाने के संबंध में अगर कोई प्रस्ताव या निर्णय विचाराधीन है, तो उसकी स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने सरकार से जवानों के हितों को ध्यान में रखकर उचित कदम उठाने की भी अपील की।
दुर्गा पूजा के बाद विरोध-प्रदर्शन की तैयारी
राजीव कुमार तिवारी ने स्पष्ट कहा कि अगर रिम्स से होमगार्ड जवानों को हटाने की कार्रवाई होती है, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित जवानों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा समाप्त होने के बाद संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से स्वास्थ्य मंत्री के आवास के सामने विरोध-प्रदर्शन या घेराव करने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि होमगार्ड जवानों के रोजगार, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा करना है। सरकार को जवानों को ड्यूटी से वंचित करने के बजाय उनकी सेवा का सम्मान करना चाहिए और उन्हें 365 दिन ड्यूटी उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि होमगार्ड जवानों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उनके अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा के लिए झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।



