कॉलेजों की बदलेगी तस्वीर, डिजिटल क्लासरूम से आधुनिक लैब तक मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार राज्य के आठ प्रमुख अंगीभूत महाविद्यालयों को ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ संस्थानों के रूप में विकसित करेगी। इस योजना

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रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार राज्य के आठ प्रमुख अंगीभूत महाविद्यालयों को ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ संस्थानों के रूप में विकसित करेगी। इस योजना के तहत कॉलेजों में आधुनिक आधारभूत सुविधाएं, डिजिटल क्लासरूम, बेहतर शैक्षणिक सामग्री और उन्नत अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, कॉलेज परिसरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना है, ताकि वे उद्योगों और तकनीकी क्षेत्र की मौजूदा जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।

इन आठ अंगीभूत कॉलेजों का हुआ चयन

झारखंड सरकार ने राज्य के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अंतर्गत संचालित आठ अंगीभूत महाविद्यालयों को इस योजना के लिए चुना है। इनमें रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत खूंटी स्थित बिरसा कॉलेज शामिल है। वहीं, कोल्हान विश्वविद्यालय के तहत बहरागोड़ा कॉलेज और जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके अलावा सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के अंतर्गत दुमका का एसपी कॉलेज और देवघर कॉलेज भी इस योजना का हिस्सा होंगे। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के तहत रामगढ़ कॉलेज का चयन किया गया है। वहीं, गिरिडीह स्थित जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, जो पहले विनोबा भावे विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता था, के अंतर्गत कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित जे.जे. कॉलेज और गिरिडीह के आर.के. महिला कॉलेज को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होंगे ग्रीन कैंपस

योजना लागू होने के बाद इन आठों महाविद्यालयों के परिसर और शैक्षणिक सुविधाओं में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कॉलेजों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल कक्षाएं और उन्नत अनुसंधान केंद्र बनाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई और शोध के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही, उन्हें आधुनिक तकनीक और नए विषयों से जुड़ा ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा।

सरकार कॉलेज परिसरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी विशेष ध्यान देगी। इसके तहत ग्रीन कैंपस विकसित किए जाएंगे और ऊर्जा की खपत कम करने वाले भवन बनाए जाएंगे। इन प्रयासों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है। सरकार को उम्मीद है कि इन सुविधाओं से शिक्षा का स्तर सुधरेगा और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

17 सरकारी पॉलीटेक्निक संस्थानों का भी हो रहा विकास

अंगीभूत महाविद्यालयों को आधुनिक बनाने के फैसले से पहले झारखंड सरकार ने राज्य के 17 सरकारी पॉलीटेक्निक संस्थानों को भी ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ संस्थान के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इस योजना में रांची, खूंटी, निरसा, जगन्नाथपुर, आदित्यपुर, भागा, सिमडेगा, कोडरमा, खरसावां, दुमका, साहिबगंज, धनबाद और लातेहार के पॉलीटेक्निक संस्थान शामिल हैं। इनके अलावा चार महिला पॉलीटेक्निक संस्थानों को भी योजना से जोड़ा गया है। इनमें जमशेदपुर महिला पॉलीटेक्निक, रांची महिला पॉलीटेक्निक, बोकारो महिला पॉलीटेक्निक और दुमका महिला पॉलीटेक्निक शामिल हैं।

हर पॉलीटेक्निक पर खर्च हो रहे करीब 55 करोड़ रुपये

राज्य के इन 17 सरकारी पॉलीटेक्निक संस्थानों के विकास पर प्रत्येक संस्थान के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस राशि से आधुनिक प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास और आवासीय परिसर तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही आधुनिक पुस्तकालय और 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला बड़ा ऑडिटोरियम भी बनाया जा रहा है।

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