घर में कहां रखें पोछा और बाल्टी? वास्तु की इन बातों को जानें

नई दिल्ली : घर की सफाई करना हर परिवार की दिनचर्या का हिस्सा है। सुबह झाड़ू लगाना, फर्श पर पोछा लगाना और घर को साफ-सुथरा रखना रोजमर्रा के कामों में शामिल है। लेकिन सफाई के बाद इस्तेमाल किए गए पोछे के कपड़े को कहां रखा

पोछा
सांकेतिक फोटो

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नई दिल्ली : घर की सफाई करना हर परिवार की दिनचर्या का हिस्सा है। सुबह झाड़ू लगाना, फर्श पर पोछा लगाना और घर को साफ-सुथरा रखना रोजमर्रा के कामों में शामिल है। लेकिन सफाई के बाद इस्तेमाल किए गए पोछे के कपड़े को कहां रखा जाता है, इस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। कई घरों में पुराने कपड़ों को फाड़कर पोछा बना लिया जाता है और सफाई के बाद उसे किसी कोने में छोड़ दिया जाता है।

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वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं में घर की साफ-सफाई और सामान को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, गंदे कपड़े और बेतरतीब रखा सफाई का सामान घर के वातावरण को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, पुराने कपड़े से पोछा लगाने पर दरिद्रता आने या किसी विशेष वास्तु दोष के लगने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। आइए जानते हैं कि पोछे के कपड़े से जुड़ी कौन-कौन सी मान्यताएं प्रचलित हैं और घर को साफ-सुथरा रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पुराने कपड़े से पोछा लगाने पर लगता है कौन-सा वास्तु दोष?

वास्तु से जुड़ी कुछ पारंपरिक मान्यताओं में पुराने, फटे और गंदे कपड़ों को घर में जमा करके रखने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि साफ-सुथरा और व्यवस्थित घर सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करता है। हालांकि, पुराने कपड़े से पोछा लगाने पर पितृ दोष, कालसर्प दोष या किसी अन्य विशेष वास्तु दोष के लगने का कोई प्रमाणित आधार नहीं है। यदि पुराना कपड़ा साफ है और उससे फर्श की अच्छी तरह सफाई होती है, तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। काम की बात : पोछे के लिए ऐसा कपड़ा चुनें जो धूल-मिट्टी और गंदगी को अच्छी तरह साफ कर सके। कपड़े की उम्र से ज्यादा उसकी सफाई और उपयोगिता मायने रखती है।

क्या पुराने कपड़े से पोछा लगाने पर आती है दरिद्रता?

घर में आर्थिक तंगी आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन पुराने कपड़े से पोछा लगाने और दरिद्रता आने के बीच कोई वैज्ञानिक संबंध साबित नहीं हुआ है। कुछ पारंपरिक मान्यताओं में फटे-पुराने और बेकार सामान को अनावश्यक रूप से जमा करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसका व्यावहारिक फायदा यह है कि घर में अव्यवस्था कम रहती है और सफाई करना आसान होता है। इसलिए पुराने कपड़े को लेकर डरने के बजाय यह देखना जरूरी है कि वह साफ है या नहीं और सफाई के काम में उपयोगी है या नहीं।

ईशान कोण में क्यों नहीं रखते पोछा और बाल्टी?

वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। पारंपरिक मान्यताओं में इस दिशा को पूजा-पाठ और शांत वातावरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी वजह से यहां गंदा पोछा, बाल्टी या सफाई का सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यह वास्तु संबंधी मान्यता है, कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं। व्यावहारिक तौर पर सफाई का सामान ऐसी जगह रखना बेहतर है, जहां वह सूखा रहे, आसानी से मिल जाए और घर के दूसरे कामों में बाधा न बने।

मुख्य दरवाजे के पास न छोड़ें गंदा पोछा

घर का मुख्य दरवाजा आने-जाने का प्रमुख रास्ता होता है। वास्तु मान्यताओं में इसे विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए दरवाजे के आसपास गंदा पोछा, बाल्टी या कूड़ा जमा करके रखने से बचने की सलाह दी जाती है। इसका सीधा फायदा यह है कि प्रवेश द्वार साफ-सुथरा रहता है, दुर्गंध नहीं फैलती और आने-जाने में परेशानी नहीं होती।

कई घरों में फर्श साफ करने के लिए पानी में थोड़ा नमक मिलाया जाता है। वास्तु की कुछ मान्यताओं में नमक को नकारात्मक ऊर्जा दूर करने से जोड़ा जाता है। इसी कारण कुछ लोग सप्ताह में एक बार नमक वाले पानी से पोछा लगाते हैं। हालांकि, नमक वाला पानी नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। फर्श की सफाई के लिए सामान्यतः साफ पानी और सतह के अनुकूल क्लीनर का इस्तेमाल पर्याप्त होता है। नमक वाला पानी इस्तेमाल करने से पहले फर्श की सामग्री का ध्यान रखें, क्योंकि कुछ सतहों पर नमक नुकसान पहुंचा सकता है।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से प्रदान की गई है। JH Live इस लेख में दी गई जानकारी, दावों या मान्यताओं की पुष्टि नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर निर्णय लेने से पहले संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर लें।

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