चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना को लेकर उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। बैठक में निर्धारित मानकों और आवश्यक प्रक्रियाओं के आधार पर 4 नए वाहनों के संचालन से संबंधित आवेदनों को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा एक वाहन के रूट में बदलाव से जुड़े आवेदन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का उद्देश्य ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सुगम, सुलभ और नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के तहत स्वीकृत वाहनों का संचालन निर्धारित रूट और नियमों के अनुसार नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।
11 रूटों पर पहले से चल रहे 17 वाहन
बैठक में जानकारी दी गई कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत 11 निर्धारित रूटों पर 17 वाहनों का परिचालन किया जा रहा है। इन वाहनों के जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को प्रखंड एवं जिला मुख्यालय समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से जोड़ा जा रहा है।योजना से विद्यार्थियों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। नए वाहनों के संचालन से जिले के ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधा के और विस्तार की उम्मीद है।
रूट और पात्रता की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान नए आवेदनों की पात्रता, प्रस्तावित रूट और निर्धारित मापदंडों की बारीकी से समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद 4 नए वाहनों के संचालन को स्वीकृति दी गई। वहीं, एक वाहन के रूट परिवर्तन के आवेदन पर यात्रियों की सुविधा और संबंधित क्षेत्र की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने योजना के तहत संचालित वाहनों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय व रूट के अनुसार परिचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी अनुश्रवण और बेहतर समन्वय जरूरी है।




