जमशेदपुर: वंदे मातरम् को लेकर देश में जारी राजनीतिक चर्चा के बीच कांके के कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार बैठा ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी। शुक्रवार को परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् और जन गण मन दोनों देश के सम्मान और गौरव से जुड़े हैं और प्रत्येक भारतीय के मन में इनके प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। सुरेश कुमार बैठा ने कहा कि वंदे मातरम् किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की भावना और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय होने के नाते उन्हें वंदे मातरम् गाने पर गर्व है और इसे पूरे सम्मान के साथ गाया जाना चाहिए। कांग्रेस विधायक के मुताबिक राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर किसी तरह का विवाद खड़ा करने के बजाय इनके प्रति सम्मान और राष्ट्रीय भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राष्ट्रहित को राजनीतिक विवाद से ऊपर रखने की बात
सुरेश बैठा ने कहा कि वंदे मातरम् और जन गण मन दोनों सम्मान की चीज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र से जुड़े इन दोनों गीतों के सम्मान को लेकर उनका कोई विरोध नहीं है। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभावना को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र के गौरव से जुड़े प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब वंदे मातरम् के गायन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस कार्यसमिति के वर्ष 1937 के निर्णय का हवाला देते हुए पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरों के गायन की बात कही गई है। इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी जारी है।
बोले- वंदे मातरम् गाने पर गर्व है
मौजूदा राजनीतिक माहौल के बीच सुरेश बैठा ने पूरे मामले को राजनीतिक विवाद से अलग रखते हुए राष्ट्रहित और राष्ट्रीय भावना को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर उनके मन में कोई आपत्ति नहीं है और वह इसे गर्व एवं सम्मान के साथ गाने के पक्षधर हैं। विधायक के इस बयान को कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर सामने आ रहे अलग-अलग विचारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का सम्मान होना चाहिए और देश के प्रति सम्मान की भावना किसी भी राजनीतिक विवाद से ऊपर है।








