रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित कुख्यात चुट्टूपालू घाटी ने एक बार फिर दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मंगलवार (8 सितंबर 2026) को घाटी में सरिया लदा एक ट्रेलर बेकाबू होकर सीधे 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। दुर्घटना इतनी खौफनाक थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार दो लोग भारी-भरकम सरिया के नीचे बुरी तरह दब गए। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा।
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कैसे हुआ भयानक हादसा?
जानकारी के अनुसार, रांची की ओर से लोहे का सरिया लेकर हजारीबाग की तरफ जा रहा एक भारी ट्रेलर चुट्टूपालू घाटी में वन विभाग के रेस्ट हाउस के विपरीत अनियंत्रित हो गया। चालक ने सड़क किनारे वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तीखी ढलान होने के कारण ट्रेलर सड़क से उतरकर सीधे 20 फीट गहरे गड्ढे में जा पलटा। रामगढ़ थाना के एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि सरिया हटाने का काम क्रेन की मदद से जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नीचे कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं दबा है। खबर लिखे जाने तक दोनों मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी थी।
NHAI की घोर लापरवाही बनी हादसों की वजह
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह दुर्घटना महज एक संयोग नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की खुली लापरवाही का नतीजा है। चुट्टूपालू घाटी सालों से ‘मौत का गलियारा’ बनी हुई है, लेकिन दुर्घटना-संभावित क्षेत्र होने के बावजूद यहां कोई ठोस और स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। बताया जा रहा है कि NHAI ने सड़क किनारे सुरक्षा दीवार तो खड़ी कर दी, लेकिन पानी निकासी की नाली को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। बेकाबू गाड़ियां दीवार से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं। चुट्टूपालू घाटी में पिछले तीन दिनों के भीतर ही 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।





