रांची : राजधानी रांची में महज एक दिन की मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। वार्ड-49 अंतर्गत डोरंडा स्थित ऐतिहासिक भूसुर पुल बारिश के पानी में पूरी तरह डूब गया। डोरंडा मनीटोला को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जोड़ने वाला यह पुल न सिर्फ एयरपोर्ट का एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग है, बल्कि आसपास के कई इलाकों का मुख्य आवागमन मार्ग भी है। पुल के ऊपर से पानी का तेज बहाव होने के कारण गाड़ियों की आवाजाही थम गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया।
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हर साल दोहराती है यह समस्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है; हर साल मॉनसून के दौरान भूसुर पुल जलमग्न हो जाता है। पुल की ऊंचाई कम होने के कारण थोड़ा सा पानी बढ़ते ही नदी का बहाव पुल के ऊपर से होने लगता है। ऐसे में दैनिक यात्रियों, स्कूली बच्चों और एयरपोर्ट जाने वाले राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस जलमग्न रास्ते से गुजरना पड़ता है।
पार्षद जमीला खातून ने लिया जायजा, नए पुल की मांग तेज
घटना की जानकारी मिलते ही वार्ड-49 की स्थानीय पार्षद जमीला खातून ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि पुल पर इस प्रकार पानी का तेज बहाव किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है और यहां कभी भी गंभीर अप्रिय घटना घट सकती है। पार्षद ने बताया कि बारिश के मौसम से पहले ही यहां एक नए उच्चस्तरीय पुल के निर्माण के लिए डीपीआर (DPR) तैयार किया जा चुका है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की कि इस डीपीआर को तुरंत प्रशासनिक स्वीकृति देकर नए पुल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को जलभराव की इस गंभीर समस्या से मुक्ति मिल सके।








