मानसा : पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एंटी ड्रग टास्क फोर्स के नेता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है। हत्या के मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया है। परिजन मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर अड़े हैं। पुलिस ने आरोपी के घर पर जेसीबी से कार्रवाई करते हुए उसे गिरा दिया। इसके बाद पुलिस की टीम आरोपी की मेडिकल दुकान के पास भी पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों ने आक्रोश जताते हुए दुकान में आग लगा दी। पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया और दुकान को भी गिरा दिया।
Buldozer Action in Punjab !!
House of Ashwani Kumar, who murdered Parvinder Jhota has been Buldozed by Punjab Police https://t.co/4p581LCrWm
— Haryana Punjab Political News Tracker (@HRPBpolitics) October 14, 2026
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मेडिकल स्टोर पर विवाद के बाद हुई थी हत्या
परमिंदर सिंह झोटा लंबे समय से मानसा शहर के मेडिकल स्टोरों पर नशे की कथित बिक्री का विरोध कर रहे थे। इस मुद्दे पर उनका कई दुकानदारों से विवाद भी हुआ था। मंगलवार को वह शहर के मुख्य बाजार में रेलवे फाटक के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान दुकानदार ने उन पर गोलियां चला दीं। गोलीबारी के बीच झोटा ने अपनी जान बचाने की कोशिश की और एक दुकान में घुस गए। घायल अवस्था में उन्हें मानसा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद शहर में तनाव फैल गया। झोटा के समर्थकों ने मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की। परिवार ने विरोध में शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने मंगलवार को एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया, जिस पर मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद करने का आरोप है।
परिजनों ने की CBI जांच और सरकार के इस्तीफे की मांग
झोटा की हत्या के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे और पंजाब के डीजीपी को बर्खास्त करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का एलान किया है। परिजन मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर अड़े हैं। मानसा में धरने के समर्थन में पंजाब के अलग-अलग गांवों में लोगों से पहुंचने की अपील की जा रही है। वहीं, बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जिले की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने आरोपी अश्विनी कुमार की दुकान को गिराने के लिए कागजी कार्रवाई भी शुरू की थी। बाद में पुलिस ने जेसीबी से दुकान गिराने की कार्रवाई की।
धरने में जाने से पहले कई नेताओं को हिरासत में लिया
मानसा हत्याकांड के विरोध में धरने में शामिल होने जा रहे दाखा के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और उनके 50 से अधिक समर्थकों को बुधवार को लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने हलवारा में रोककर हिरासत में ले लिया। अयाली अकाली दल वारिस पंजाब दे के मालवा जोन प्रभारी हैं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उनके समर्थकों को बसों में बैठाया और रायकोट की ओर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। घटना के बाद हलवारा चौक पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने मानसा पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और उन्हें कहां रखा गया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मोगा में भी बुधवार तड़के करीब तीन बजे पुलिस ने विभिन्न संगठनों के नेताओं को उनके घरों से हिरासत में लेना शुरू किया। इन संगठनों के नेताओं ने मानसा पहुंचकर परिवार को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन में शामिल होने की योजना बनाई थी।
राजा वड़िंग ने भगवंत मान सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में नशे का संकट लगातार गहराता जा रहा है और बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। वड़िंग ने सरकार के नशा विरोधी अभियानों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डेढ़ महीने के भीतर पंजाब से नशे का खात्मा करने का दावा किया था। इसके बाद ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ जैसे अभियान चलाए गए और उन पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन उनके अनुसार जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नजर नहीं आए। राजा वड़िंग ने कहा कि नशे की समस्या पंजाब के साथ-साथ दुनिया भर में रहने वाले पंजाबियों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने परमिंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस भी बंधाया।
NHRC ने पंजाब के डीजीपी और मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने झोटा की हत्या को गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सामाजिक रूप से काम करने वाले कार्यकर्ता की इस तरह हत्या होना कानून-व्यवस्था की विफलता है। कानूनगो ने आरोप लगाया कि दवा के नाम पर नशा बेचने वाले माफिया के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे विरोध करने वालों को गोली मारकर चुप कराना चाहते हैं। उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि नशे का संकट राज्य को फिर गंभीर स्थिति की ओर ले जा सकता है। उन्होंने बताया कि आयोग ने पंजाब के डीजीपी और मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कानूनगो ने कहा कि आयोग स्थिति पर नजर रखे हुए है और नशे जैसी बुराई के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
भाजपा ने जालंधर में किया प्रदर्शन
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में भाजपा ने जालंधर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला जलाया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा तस्करों और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं तथा आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की। जालंधर भाजपा शहरी के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश राठौर ने कहा कि पंजाब के हालात चिंताजनक हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झोटा ने पहले भी एक मेडिकल स्टोर संचालक की नशे की कथित बिक्री का विरोध किया था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। राठौर ने कहा कि नशे, ओवरडोज और आपराधिक घटनाओं से युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, भाजपा पूरे पंजाब में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी भी पहुंचे धरनास्थल
मानसा हत्याकांड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ लड़ाई में भाग लेने और परमिंदर सिंह झोटा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सहयोग करने की अपील की। हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। परिजन और प्रदर्शनकारी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।




