रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में केजी-प्रथम से कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक सप्ताह तक चलने वाले रोमांचक एवं ज्ञानवर्धक एडवेंचर कैंप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर विभिन्न बाह्य गतिविधियों एवं रोमांचक चुनौतियों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना था।
also read : झारखंड हाईकोर्ट से नागेंद्र नाथ परिहार को झटका, रिव्यू याचिका खारिज
पूरे सप्ताह विद्यार्थियों ने अनेक रोमांचक एवं चुनौतीपूर्ण गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें डबल जूमरिंग, टेंट लगाना एवं वैकल्पिक आश्रय बनाना, ट्वाइन, फ्लाइंग फॉक्स, टायरोलियन ट्रैवर्स, कैट वॉक, सिंगल जूमरिंग, नेट क्लाइंबिंग, ह्यूमन वेब, इनोवेटिव मेज़, विन ऐज़ मच ऐज़ यू कैन, रैपलिंग, ब्रोकन स्क्वेयर्स, डबल ट्रबल, टू लाइन ब्रिज, राफ्ट निर्माण, नेविगेशन एक्सरसाइज़, स्लैंट पैरेलल रोप्स, रोप क्लाइंबिंग, पाइरेट्स क्रॉसिंग, फ्रेंडशिप लैडर, ट्री क्लाइंबिंग, बिग वी, टार्जन स्विंग, टनल क्रॉसिंग, टार्जन ट्रैवर्स, टग ऑफ वॉर तथा कैंपिंग जैसी अनेक गतिविधियां शामिल थीं।
इस एडवेंचर कैंप ने विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने, अपने भय पर विजय पाने तथा अपनी क्षमताओं को पहचानने के सार्थक अवसर प्रदान किए। सामूहिक गतिविधियों में सहभागिता से उनमें संवाद-कौशल, सहयोग, नेतृत्व क्षमता तथा निर्णय लेने की योग्यता का भी विकास हुआ। प्रत्येक गतिविधि का आयोजन सुनियोजित ढंग से प्रशिक्षित विशेषज्ञों की देखरेख में किया गया तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
शिक्षा केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं है
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से चुनौती देने वाले अनुभव उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने, कठिन परिस्थितियों में दृढ़ बने रहने तथा टीम भावना और उत्तरदायित्व के महत्त्व को समझने में सहायता करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस एडवेंचर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वयं को चुनौती देने, अपने सहज एवं परिचित परिवेश से बाहर निकलकर नए अनुभव प्राप्त करने तथा अधिक आत्मविश्वास और आत्मबल के साथ आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना था। उनके अनुसार, ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के जीवन में स्थायी सीख के रूप में अंकित हो जाते हैं और उनके सर्वांगीण विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इन पहलों के माध्यम से सरला बिरला पब्लिक स्कूल, अनुभवात्मक एवं सर्वांगीण शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। विद्यालय विद्यार्थियों को केवल सुनकर और देखकर ही नहीं, बल्कि स्वयं अनुभव करके, अन्वेषण करके तथा चुनौतियों का सामना करके सीखने के अवसर प्रदान कर रहा है।




