रांची: राज्य की प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. भारती कश्यप को महिला स्वास्थ्य, बच्चों की दृष्टि सुरक्षा और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। विमेन ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (WOS) के उद्घाटन समारोह में उन्हें प्रतिष्ठित ‘स्पेशल लीडरशिप अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। वहीं, रांची के विट्रियो-रेटिना सर्जन डॉ विभूति कश्यप को युवा महिला नेत्र रोग विशेषज्ञों को बेहतर अकादमिक प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण देने के लिए ‘बेस्ट टीचर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. दोनों सम्मान झारखंड में चिकित्सा सेवा, शिक्षा और सामाजिक स्वास्थ्य अभियानों में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलने के रूप में देखे जा रहे हैं।
महिला स्वास्थ्य के लिए डॉ भारती कश्यप सम्मानित
डॉ भारती कश्यप को यह सम्मान ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी (AIOS) के अध्यक्ष प्रो. डॉ. जे. एस. तितियाल और आई बैंक एसोसिएशन ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष डॉ. नम्रता शर्मा ने प्रदान किया। डॉ कश्यप को वर्ष 2017 में राष्ट्रपति द्वारा ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। चिकित्सा सेवा के साथ महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाली उनकी पहलों ने उन्हें अलग पहचान दिलायी है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों को जांच और उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास भी उनके काम का अहम हिस्सा हैं।
छह लाख+ महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग
आईएमए झारखंड वीमेंस डॉक्टर्स विंग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. भारती कश्यप के नेतृत्व में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2021 से मई 2026 के बीच झारखंड में छह लाख से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की गयी. अभियान में पाकुड़, संथाल परगना और कोल्हान जैसे दूरदराज के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं को जांच, परामर्श और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के साथ विंग की आधिकारिक साझेदारी से इस पहल को सामुदायिक स्तर तक पहुंचाने में मदद मिली।
25 लाख से अधिक स्कूली बच्चों की आंखों की जांच
बाल नेत्र सुरक्षा के क्षेत्र में भी डॉ. भारती कश्यप की पहल महत्वपूर्ण रही है। उनके नेतृत्व में झारखंड के सरकारी स्कूलों में 25 लाख से अधिक बच्चों की आंखों की जांच की गयी। अभियान के दौरान दृष्टि दोष से जूझ रहे बच्चों को निशुल्क चश्मे उपलब्ध कराये गये। वहीं, मोतियाबिंद से पीड़ित सैकड़ों बच्चों की सर्जरी की गयी। समय पर जांच और उपचार मिलने से बच्चों को पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों में होने वाली परेशानियों से राहत मिली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों तक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में इस तरह के अभियानों की अहम भूमिका रही है।
अस्पताल से गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने पर जोर
डॉ. भारती कश्यप ने नेत्र चिकित्सा को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान और बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं का समय पर उपचार उनके अभियानों के प्रमुख उद्देश्य रहे हैं। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना भी इन प्रयासों का हिस्सा है। ‘स्पेशल लीडरशिप अवॉर्ड’ को उनके चिकित्सा नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान की राष्ट्रीय मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ विभूति कश्यप को मिला बेस्ट टीचर अवॉर्ड
रांची के विट्रियो-रेटिना सर्जन डॉ. विभूति कश्यप को विमेन ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट्स सोसाइटी (WOS) ने ‘बेस्ट टीचर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया। उन्हें यह पुरस्कार युवा महिला नेत्र रोग विशेषज्ञों को उत्कृष्ट अकादमिक प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण देने के लिए दिया गया। चिकित्सा क्षेत्र में कुशल विशेषज्ञ तैयार करने के लिए बेहतर प्रशिक्षण और अनुभव साझा करना महत्वपूर्ण है। डॉ. विभूति कश्यप को मिला यह सम्मान नेत्र चिकित्सा की शिक्षा और विशेषज्ञों के पेशेवर विकास में उनके योगदान को रेखांकित करता है। झारखंड के इन दोनों चिकित्सकों को मिले सम्मान से राज्य की चिकित्सा सेवाओं, महिला स्वास्थ्य, बाल नेत्र सुरक्षा और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।




