रांची : धनतेरस पर झारखंड के बाजारों में खूब चहल-पहल देखने को मिली। सोना-चांदी, गाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत लगभग सभी कारोबार में ग्राहकों ने दिल खोलकर खरीदारी की। बाजारों में ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखकर कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने बाजारों में खरीदारी को लेकर खुशी जताई है। चैंबर का कहना है कि धनतेरस पर लोगों ने जिस उत्साह के साथ खरीदारी की, उससे कारोबारियों में खुशी और संतोष का माहौल है। चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि धनतेरस पर बाजारों में लोगों की अच्छी भीड़ रही। सोना-चांदी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरे कारोबार में भी ग्राहकों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। इससे व्यापार जगत में अच्छा माहौल बना है।
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उन्होंने कहा कि त्योहार के समय बाजारों में भीड़ लगना और सड़कों पर गाड़ियों का दबाव बढ़ना आम बात है। लेकिन इसके बावजूद शहर में जाम की स्थिति नहीं बनने देना जिला प्रशासन की अच्छी तैयारी और सक्रियता को दिखाता है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती और यातायात व्यवस्था ठीक रहने से लोगों को बाजार पहुंचने और खरीदारी करने में काफी सहूलियत हुई। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को खास तौर पर धन्यवाद दिया।
दीपावली की खरीदारी भी स्थानीय दुकानों से करने की अपील
चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि दीपावली को लेकर भी बाजारों में खरीदारी का उत्साह बना हुआ है। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील की कि त्योहार के लिए सजावटी सामान, मिट्टी के दीये, घरौंदे, लाइटिंग, पूजा-पाठ का सामान, मिठाई, कपड़े, उपहार और दूसरी जरूरी चीजें अपने आसपास की स्थानीय दुकानों से ही खरीदें। उन्होंने कहा कि जब लोग स्थानीय दुकानदारों और कारीगरों से सामान खरीदेंगे, तो छोटे और मझोले कारोबारियों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके बढ़ेंगे, झारखंड की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। त्योहार की असली खुशी तभी है, जब इसका फायदा अपने स्थानीय दुकानदारों और कारीगरों को भी मिले।
वोकल फॉर लोकल अपनाएं, स्थानीय कारोबारियों को मिलेगा फायदा
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि धनतेरस पर बाजारों में जिस तरह रौनक देखने को मिली और ग्राहकों ने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई, उससे स्थानीय बाजारों के प्रति लोगों का भरोसा और जुड़ाव बढ़ा है। उन्होंने भी राज्यवासियों से अपील की कि इस दीपावली वोकल फॉर लोकल की सोच के साथ स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और कारीगरों से सामान खरीदें। इससे एक तरफ त्योहार की खुशियां बढ़ेंगी, वहीं दूसरी तरफ झारखंड की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



