रांची : दीदी नीलम आनंद के 74वें जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन, रांची के तत्वावधान में एचईसी धुर्वा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन “सांसें हो रही कम, आओ वृक्ष लगाएं हम” थीम के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिव शिष्यों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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फाउंडेशन की अध्यक्ष बरखा आनंद ने कहा कि वन मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण, शहरीकरण और विकास कार्यों के कारण लगातार वन क्षेत्र घटता जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप भूस्खलन, सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि और अनावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी लोगों से केवल वृक्ष लगाने का संकल्प ही नहीं, बल्कि उसका पालन करने की भी अपील की।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
फाउंडेशन के मुख्य सलाहकार अर्चित आनंद ने कहा कि संस्था अब तक देशभर में एक करोड़ से अधिक पौधे लगा चुकी है और यह अभियान लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत का वन क्षेत्र 79.42 मिलियन हेक्टेयर है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 24.16 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि झारखंड में वन क्षेत्र 23,605 वर्ग किलोमीटर है, जो राज्य के कुल भू-भाग का लगभग 26.61 प्रतिशत है। जबकि सामान्य परिस्थितियों में कुल भू-भाग का 33.33 प्रतिशत हिस्सा वनाच्छादित होना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में ढलान के अनुसार यह प्रतिशत 40 से 80 प्रतिशत तक होना आवश्यक है।
वृक्ष लगाने के साथ संरक्षण पर भी जोर
अर्चित आनंद ने कहा कि केवल पौधारोपण पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्ष सुरक्षित रहेंगे तभी प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में शिव शिष्य और शिष्याएं उपस्थित रहे तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया।




