दो साल बाद शंभू यादव को मिला परिवार, सद्गुरु कृपा आश्रम ने घर भेजा

दो साल तक देखभाल और उपचार के बाद शंभू यादव की याददाश्त वापस आई। आश्रम ने परिवार से संपर्क कर उन्हें दरभंगा स्थित पैतृक घर भेजा।

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रांची:  मानव सेवा को सर्वोच्च मानते हुए परमहंस संत डॉ. सदानंद महाराज के सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम, पुंदाग निराश्रित, दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों के लिए सेवा और आश्रय का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2024 से संचालित इस आश्रम में वर्तमान में 47 निराश्रित प्रभुजन रह रहे हैं, जिनके भोजन, आवास, चिकित्सा और देखभाल की जिम्मेदारी आश्रम की ओर से निभाई जा रही है। इसी सेवा यात्रा में आश्रम के लिए भावुक और संतोषजनक अवसर तब आया, जब शंभू यादव की याददाश्त वापस आने के बाद उन्हें उनके परिवार से मिलाया गया। आश्रम प्रबंधन ने उन्हें पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक घर दिवारी लक्ष्मी नगर, दरभंगा, बिहार भेजा।

2024 में वाराणसी से किया गया था रेस्क्यू

शंभू यादव को 16 जून 2024 को वाराणसी से रेस्क्यू कर आश्रम लाया गया था। उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह अपना नाम-पता और परिवार से जुड़ी जानकारी भी ठीक से नहीं बता पा रहे थे। आश्रम की टीम उन्हें सुरक्षित रूप से पुंदाग स्थित अपना घर आश्रम लेकर आई।पिछले दो वर्षों के दौरान शंभू यादव की नियमित देखभाल की गई। उन्हें भोजन, रहने की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और आत्मीय सेवा उपलब्ध कराई गई। निरंतर देखभाल और उपचार के बाद धीरे-धीरे उनकी स्मरणशक्ति लौटने लगी और उन्हें अपने परिवार तथा पैतृक घर की जानकारी याद आने लगी। इसके बाद आश्रम प्रबंधन ने उनके परिवार से संपर्क किया और उन्हें परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की।

छह साल बाद परिवार से हुआ मिलन

शंभू यादव को लेने के लिए उनकी मां, भाई और परिवार के अन्य सदस्य आश्रम पहुंचे। परिजनों ने बताया कि शंभू करीब छह वर्ष पहले घर से लापता हो गए थे। लंबे समय बाद उन्हें सकुशल देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। भावुक परिजनों ने आश्रम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि शंभू एक दिन वापस मिल जाएंगे। उन्होंने सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम की सेवा भावना की सराहना की।

परिवार जैसा स्नेह देना आश्रम का उद्देश्य

ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि आश्रम का उद्देश्य केवल निराश्रित लोगों को आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार जैसा स्नेह, सम्मान, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि किसी निराश्रित व्यक्ति का अपने परिवार से पुनर्मिलन आश्रम की सेवा यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। आश्रम को सत्यनारायण पोद्दार चैरिटेबल ट्रस्ट और बाबूलाल प्रेमसंस ग्रुप का निरंतर सहयोग मिलने की बात भी कही गई।

इस अवसर पर पुंदाग थाना प्रभारी संजीव कुमार, चैरिटेबल ट्रस्ट के निदेशक पंकज पोद्दार, कृष्ण प्रणामी ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, अंजनी अग्रवाल, पुजारी अरविंद पांडेय, संजय सर्राफ, सुरेश भगत, पवन पोद्दार, ज्ञान प्रकाश शर्मा, बुलेट गोराई, निर्मल महतो, अभिषेक कुमार समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। आश्रम परिवार ने शंभू यादव को उनके परिवार के साथ सुखमय, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं।

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