ब्रिक्स समिट का दूसरा दिन : ग्लोबल साउथ और AI पर पीएम मोदी का जोर, शी जिनपिंग रवाना

नई दिल्ली : भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 का आज यानी रविवार को दूसरा और अंतिम दिन है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति

पीएम मोदी
पीएम मोदी और शी जिनपिंग (Photo Source: ANI)

अपनी भाषा में पढ़ें

नई दिल्ली : भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 का आज यानी रविवार को दूसरा और अंतिम दिन है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद समेत कई वैश्विक नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।

Read More : ब्रिक्स 2026 का दूसरा दिन: दोपहर से शाम तक पीएम मोदी की बैक-टू-बैक बैठकें, देखें शेड्यूल

ग्लोबल साउथ को नियम बनाने की भूमिका में लाना होगा : पीएम मोदी

सम्मेलन के दूसरे दिन ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में पूरा ध्यान चार मुख्य स्तंभों पर केंद्रित रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक संकटों का सबसे बड़ा असर ‘ग्लोबल साउथ’ पर पड़ता है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में उसे पीछे छोड़ दिया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें ‘विशेषाधिकार के पिरामिड’ को ‘साझेदारी के प्लेटफॉर्म’ में बदलना होगा। यूएन सुरक्षा परिषद (UNSC) जैसे वैश्विक संस्थानों में आज की वास्तविकताओं के अनुरूप विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।” पीएम मोदी ने नाविकों (Seafarers) के लिए एक आपातकालीन सहायता नेटवर्क बनाने का भी प्रस्ताव रखा, जो वैश्विक व्यापार में अहम भूमिका निभाते हैं। सत्र के समापन पर सर्वसम्मति से ‘नई दिल्ली ब्रिक्स लीडर्स डिक्लेरेशन’ को अपनाया गया।

मिडिल ईस्ट तनाव और एकतरफा प्रतिबंधों पर जताई चिंता

इससे पहले, सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों ने मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। बैठक में शामिल ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इजरायल द्वारा परमाणु संयंत्रों और सुरक्षा को खतरे में डालने वाले हमलों की आलोचना की। ब्रिक्स देशों ने बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के लगाए जाने वाले एकतरफा पश्चिमी प्रतिबंधों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर के सिद्धांतों को कमजोर करते हैं।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्वदेश रवाना

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्रों और द्विपक्षीय वार्ताओं में हिस्सा लेने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली से बीजिंग के लिए रवाना हो गए हैं। मालूम हो कि 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन द्वारा स्थापित ब्रिक्स समूह (2010 में दक्षिण अफ्रीका शामिल) का विस्तार होकर अब 11 सदस्य देश हो चुके हैं, जो दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.