मॉस्को : रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने 12 घंटे के भीतर यूक्रेन के 250 ड्रोन नष्ट कर दिए। मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक (मॉस्को समय) मॉस्को समेत रूस के 19 इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम ने यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन को मार गिराया। रूस के अनुसार, बड़ी संख्या में ड्रोन को वायु रक्षा प्रणालियों ने लक्षित किया और निष्क्रिय किया। इस दौरान मॉस्को क्षेत्र में भी ड्रोन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रही।
एक सप्ताह में मॉस्को की ओर आए 2,600 से अधिक ड्रोन
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान मॉस्को क्षेत्र की ओर उड़ान भरने वाले ड्रोन की संख्या 2,600 से अधिक रही। उनके अनुसार, इनमें से अधिकांश ड्रोन शहर से दूर बाहरी इलाकों में ही वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा निष्क्रिय कर दिए गए। मेयर ने बताया कि मॉस्को की ओर बढ़ते समय कुल 493 ड्रोन नष्ट किए गए।
रूस ने 11 बस्तियों पर कब्जे का भी किया दावा
इससे पहले शुक्रवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि रूसी सेना ने पिछले एक सप्ताह में 11 बस्तियों पर कब्जा किया है। मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान यूक्रेनी सेना के खिलाफ एक बड़े और नौ सामूहिक हमले भी किए गए। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, कब्जे में ली गई 11 बस्तियां खारकीव, डोनबास और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में स्थित हैं।
मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि रूसी हमलों में यूक्रेन के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठानों, लॉजिस्टिक्स हब, ऊर्जा और परिवहन ढांचे, जमीनी रोबोटिक सिस्टम बनाने वाली इकाइयों और ड्रोन निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा मिसाइल लॉन्चिंग ठिकानों, गोला-बारूद और ईंधन भंडार, आपूर्ति केंद्रों तथा यूक्रेनी सैनिकों और विदेशी लड़ाकों के अस्थायी ठिकानों पर भी हमले किए जाने की बात रूस ने कही।
यूक्रेन ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए 35 अरब रिव्निया किए आवंटित
यूक्रेन के सार्वजनिक प्रसारक सुस्पिलने के अनुसार, ऊर्जा मंत्री डेनिस श्म्यहाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने सर्दियों से पहले ऊर्जा सुविधाओं की सुरक्षा और विभिन्न क्षेत्रों की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 35 अरब रिव्निया यानी करीब 78.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर आवंटित किए हैं। संसद को संबोधित करते हुए श्म्यहाल ने बताया कि लगभग 200 द्वितीय-स्तरीय सुरक्षा ढांचों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कोई भी रक्षा प्रणाली 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। हालांकि, जिन ऊर्जा सुविधाओं को सुरक्षा प्रदान की गई है, उन्हें नुकसान पहुंचने की स्थिति में कुछ ही हफ्तों में दोबारा दुरुस्त किया जा सकता है।



