रांची में RTE की दूसरी ऑनलाइन लॉटरी पूरी, 89 बच्चों का चयन

RTE के दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी में 35 स्कूलों के लिए 89 बच्चों का चयन हुआ, सभी स्कूलों को एक सप्ताह में नामांकन पूरा करने का निर्देश दिया गया।

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रांची: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE) की धारा 12(1)(ब) के तहत रांची जिले में निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो गई। इस चरण में 35 स्कूलों के लिए 89 बच्चों का चयन किया गया है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई गई। लॉटरी प्रक्रिया की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त रांची संजय कुमार भगत ने की।

224 आवेदन जांच के बाद लॉटरी के लिए योग्य

NIC सभागार में आयोजित ऑनलाइन लॉटरी के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, सहायक जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी रीमा कुजूर, एडीपीओ सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वर्ष 2026-27 के लिए RTE के दूसरे चरण में नामांकन के लिए कुल 224 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की जांच और सत्यापन के बाद सभी 224 आवेदन ऑनलाइन लॉटरी के लिए योग्य पाए गए। जिले के 39 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में उपलब्ध 183 सीटों पर नामांकन के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई। ऑनलाइन लॉटरी के जरिए इनमें से 35 विद्यालयों में 89 बच्चों का चयन किया गया।

कक्षा 8वीं तक पूरी तरह मुफ्त होगी पढ़ाई

चयनित बच्चों को संबंधित विद्यालयों में बिना किसी शुल्क के नामांकन मिलेगा। इसके बाद उन्हें कक्षा आठवीं तक की शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार, RTE के तहत आयोजित दोनों चरणों में अब तक कुल 722 सीटों पर नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है। सभी संबंधित निजी स्कूलों को चयनित बच्चों का नामांकन एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रशासन का जोर

जिला प्रशासन ने कहा कि ऑनलाइन लॉटरी की पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा किया गया। प्रक्रिया के दौरान आवश्यक स्तर पर जांच और सत्यापन सुनिश्चित किया गया, ताकि पात्र बच्चों को RTE के तहत निर्धारित लाभ मिल सके। प्रशासन का कहना है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए समाज के अंतिम पंक्ति के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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