रांची/ नई दिल्ली: दिल्ली के जंगपुरा में आज सोमवार देश भर के विभिन्न पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठनों की एक संयुक्त बैठक की गई जिसमें लगभग 60 संगठन के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। धर्मेंद्र कुशवाहा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में सर्व समिति से निर्णय लिया गया कि देश में जो जनगणना हो रही है उसमें जाति का कॉलम नहीं है उसे सरकार अभिलंब जाति जनगणना में ओबीसी का कॉलम दे नहीं तो सभी सामाजिक संगठन ओबीसी के हर राज्य के राजधानियों में, बड़े शहरों में,जिलों में बड़ी मीटिंग धरना प्रदर्शन करेंगे।
मौके पर उपस्थित झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि इन प्रदर्शनों में दूसरे राज्यों के ओबीसी के प्रतिनिधि प्रत्येक राज्यों में दूसरे राज्यों के प्रतिनिधियों का प्रमुखता होनी चाहिए।
जम्मू कश्मीर से ओबीसी महासभा के अध्यक्ष बंशीलाल चौधरी ने कहा अगर सरकार बात नहीं मानती है तो ओबीसी संगठन शहर से गांव की ओर तेजी से जाकर समाज में जागृति पैदा करेंगे और सरकार को विवश करेंगे कि वह जाति जनगणना में ओबीसी के कॉलम दे।
कार्यक्रम में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय ओबीसीमोर्चा, जम्मू एंड कश्मीर ओबीसी वेलफेयर फॉर्म श्रीनगर, सेंट्रल रेलवेओबीसी, ओबीसी यूनाइटेड फ्रंट ऑफ़ इंडिया, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा असम, ऑल इंडिया बैकवर्ड फेडरेशन मध्य प्रदेश, मंडलआर्मी, ओबीसी मोर्चा तेलंगाना, ओबीसी फेडरेशन ऑफ़ इंडिया कर्नाटका, सहित सभी राज्यों से 60 संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
झारखंड से सुरेश ठाकुर, रवि कुमार, गुलाम हसन, (श्रीनगर)मोहनलाल पवार जम्मू, शुभम गुप्ता, शिवेंद्रराणा, नीरज कुमार, रामजी सिंह कबीर छत्तीसगढ़ पवन कुमार आर्य पंजाब, उमेश कोरमा महाराष्ट्र किरण कुमार तेलंगाना श्रीनिवास गेहूं तेलंगाना पुष्पराज सिंह पटेल राकेश लोधी सुनील सरदार रामेश्वर ठाकुर आदि शामिल थे।



