सरायकेला में 15 हाथियों का तांडव, धान की फसल रौंदी, ग्रामीण दहशत में

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के इचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह करीब 12 से 15 हाथियों का एक झुंड जारगोडीह गांव के समीप स्थित जंगल में आ पहुंचा, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों में

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सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के इचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह करीब 12 से 15 हाथियों का एक झुंड जारगोडीह गांव के समीप स्थित जंगल में आ पहुंचा, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों में दहशत और अफरातफरी का माहौल कायम हो गया है। डर के मारे ग्रामीण सतर्क हैं और बेवजह अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

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तैयार धान की फसल रौंदी, दर्जनों किसान प्रभावित

स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह झुंड बीती रात सालुकडीह, डुमरा, पिलीद और बिस्टाटांड़ गांव के कृषि क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान हाथियों ने खेतों में लहलहा रही धान की फसल को पूरी तरह रौंदकर बर्बाद कर दिया। फसल पूरी तरह तैयार होने के समय हुई इस तबाही से किसानों की मेहनत और लागत पर पानी फिर गया है। प्रभावित किसान अब वन विभाग से तत्काल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

वन विभाग अलर्ट

मामले की जानकारी देते हुए प्रभारी वनपाल कैलाश चंद्र महतो ने बताया कि हाथियों का झुंड कुटाम जंगल के रास्ते होते हुए जारगोडीह जंगल की ओर बढ़ा है। वन विभाग की विशेष टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी जा रही है। साथ ही, हाथियों को रिहाइशी इलाकों से दूर सुरक्षित दिशा की ओर खदेड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित खेतों का शीघ्र सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए।

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