इंफाल/सेनापति : मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की गंभीर घटना सामने आई है। राज्य के सेनापति और कांगपोकपी जिले के सीमावर्ती इलाकों में सोमवार तड़के अचानक उपद्रवियों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया और अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हिंसा के दौरान ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 36वीं बटालियन का 54 वर्षीय एक जवान गोली लगने से जख्मी हो गया। घटना के बाद फैले भारी तनाव को देखते हुए नागा जनजातीय संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2, इंफाल-दिमापुर) को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जिससे मणिपुर और नागालैंड के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह ठप हो गया है।
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घंटों चली गोलीबारी
स्थानीय सूत्रों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की शुरुआत तड़के लगभग 2:40 बजे ताफू कुकी इलाके से हुई, जहां उपद्रवियों ने एक घर में आग लगा दी। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां सुबह 3:30 बजे मौके पर पहुंचीं, लेकिन कुछ लोगों ने फायर ब्रिगेड टीम को राहत कार्य करने से रोकने का प्रयास किया। सुबह 4:00 बजे के बाद 9MR और मरैमई के आसपास के इलाकों में पोमई नागा समुदाय के लाई गांव और फूबा गांव के निवासियों के मकानों को निशाना बनाया गया और जमकर तोड़फोड़ व आगजनी की गई। सुबह करीब 9:20 बजे जब मीडियाकर्मी क्षतिग्रस्त मकानों की कवरेज कर रहे थे, तभी दोनों ओर से अचानक भारी गोलीबारी शुरू हो गई।
CRPF जवान अस्पताल में भर्ती, स्थिति गंभीर
गोलीबारी की चपेट में आने से CRPF की 36वीं बटालियन के 54 वर्षीय जवान घायल हो गए। उन्हें तुरंत सेनापति जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में जवान ने बताया कि दोनों ओर से लगातार गोलियां चलाई जा रही थीं, जिससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि गोली किस दिशा से आई। घटना के बाद ताफू कुकी विलेज अथॉरिटी ने आधिकारिक बयान जारी कर आगजनी और तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की है। संस्था ने चेतावनी दी है कि आगजनी में शामिल लोग 24 घंटे के भीतर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करें और ‘कुकी कस्टमरी लॉ’ (पारंपरिक कानून) के तहत मामले को सुलझाएं। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि दी गई समयसीमा के बाद होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी।
सुरक्षा बल तैनात, पूरे इलाके में अलर्ट
हिंसा के विरोध में नागा समूहों द्वारा NH-2 को जगह-जगह जाम किए जाने से सैकड़ों मालवाहक और यात्री वाहन फंसे हुए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सेनापति और कांगपोकपी के सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल पूरे इलाके में भारी तनाव बना हुआ है और पुलिस नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटी है।



