नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग और बीजेपी को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। यह विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में SIR के दौरान मतदाता नामों को हटाने और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े कुछ फैसलों पर भी आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
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राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें लंबे समय से यह सवाल परेशान करता रहा कि सरकारों के खिलाफ दिखने वाली सत्ता-विरोधी लहर कुछ चुनावों में कैसे गायब हो जाती है। उन्होंने दावा किया कि अब सामने आई रिपोर्ट के बाद उन्हें अपने सवालों के जवाब मिले हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को मतदाताओं के वोट की सुरक्षा की जिम्मेदारी वाला संवैधानिक संस्थान बताया और कहा कि वोट से जुड़े मामलों की जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव समेत विभिन्न चुनावों में कथित गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। ये आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं।
SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां
राहुल गांधी की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने अलग-अलग मौकों पर प्रक्रिया और फैसलों से संबंधित सवाल उठाए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के जवाब में कहा है कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां किसी भी संस्थान में निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने कहा कि पिछले एक साल में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से हुए हैं।
राहुल गांधी ने एंटी-इंकम्बेंसी का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की राजनीति में सत्ता-विरोधी लहर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रवृत्ति रही है। उन्होंने कई राज्यों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि कुछ चुनावों में यह प्रवृत्ति अचानक कैसे गायब हो जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट की भूमिका बुनियादी है और संविधान की ताकत मताधिकार से जुड़ी है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर वोट की सुरक्षा प्रभावित होती है तो इसका असर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़ता है।
विपक्ष ने की जांच की मांग
ज्ञानेश कुमार को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद कई विपक्षी दलों ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों की ओर से CEC के पद से कुमार को हटाने, SIR को रोकने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी विपक्षी सांसदों की ओर से ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव से जुड़ी पहल की गई थी। अप्रैल में लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों ने ऐसे एक प्रस्ताव को खारिज किया था।




