रांची : झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद की ओर से बाजार समितियों के तहत निर्मित दुकानों और गोदामों के किराया निर्धारण को लेकर व्यापारी प्रतिनिधि रोहित कुमार ने आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने प्रस्तावित किराया वृद्धि पर तत्काल अंतिम निर्णय लेने के बजाय आगामी निदेशक मंडल की बैठक में इस मुद्दे पर दोबारा विस्तृत चर्चा और पुनर्विचार की मांग की है। रोहित कुमार झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद, रांची के सदस्य एवं व्यापारी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने 24 सितंबर 2026 को परिषद के प्रबंध निदेशक को पत्र देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
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किराया बढ़ाने से पहले अध्ययन की मांग
पत्र में रोहित कुमार ने कहा कि गुरुवार को आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में बाजार समितियों के अंतर्गत निर्मित दुकानों और गोदामों के किराया निर्धारण से संबंधित विषय पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि 12 जून 2026 को हुई निदेशक मंडल की बैठक की कार्यवाही संख्या-09 में बाजार समितियों के श्रेणीकरण और बाजार समितियों द्वारा निर्मित दुकानों एवं गोदामों के न्यूनतम किराया निर्धारण का प्रावधान किया गया था। रोहित कुमार ने कहा कि किसी भी तरह की किराया वृद्धि या नए किराया निर्धारण से पहले संबंधित बाजार समितियों की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं और व्यापारियों की वास्तविक आर्थिक एवं व्यापारिक परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन जरूरी है।
अगली बैठक में पुनर्विचार की मांग
व्यापारी प्रतिनिधि ने कहा कि किराया निर्धारण से पहले वर्तमान बाजार व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का भी व्यवहारिक अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने आज की बैठक में तत्काल अंतिम निर्णय लेने के बजाय आगामी निदेशक मंडल की बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा और पुनर्विचार का अनुरोध किया। उन्होंने संबंधित व्यापारिक प्रतिनिधियों और व्यापारी संघों से भी आवश्यक विचार-विमर्श करने की मांग की है।
व्यापारी हित और बाजार विकास के बीच संतुलन पर जोर
रोहित कुमार ने कहा कि उनकी आपत्ति का उद्देश्य बाजार समितियों के विकास या परिषद के राजस्व हितों का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि व्यापारियों के हित और बाजार समितियों के विकास के बीच उचित एवं व्यवहारिक संतुलन स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रबंध निदेशक से अपनी आपत्ति को अभिलेख में दर्ज करने और प्रस्तावित किराया वृद्धि एवं किराया निर्धारण पर आगामी बैठक में दोबारा विस्तृत विचार-विमर्श का अवसर देने का अनुरोध किया है। पत्र की प्रतिलिपि झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद के अध्यक्ष को सूचनार्थ तथा संबंधित अभिलेख के लिए भेजी गई है।




