नई दिल्ली : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की सात दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए नई दिल्ली से प्रस्थान किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा 19 से 25 जुलाई 2026 तक चलेगी और इसका उद्देश्य इन यूरोपीय देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को नई मजबूती देना है।
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विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया की पहली राजकीय यात्रा है। वहीं, रोमानिया की यह यात्रा तीन दशकों से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला दौरा होगी।
ऐतिहासिक दौरा, तीन देशों के राष्ट्रपतियों का निमंत्रण
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विशेष प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राष्ट्रपति की यह यात्रा तीनों देशों के राष्ट्रपतियों के निमंत्रण पर हो रही है। इस दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज, राष्ट्रपति की प्रेस सचिव डॉ. मनीषा वर्मा और दक्षिणी यूरोप क्षेत्र की संयुक्त सचिव अल्पना दुबे भी मौजूद रहीं। सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है। वहीं, रोमानिया का दौरा 1994 के बाद पहली बार हो रहा है।
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व्यापार, तकनीक और पर्यटन पर रहेगा फोकस
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच व्यापक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। दौरे के दौरान ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। सिबी जॉर्ज ने कहा कि यह दौरा इस बात का संकेत है कि भारत अब मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मोल्दोवा ने वर्ष 2023 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था, जिससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है।




