पटना : बिहार के सिवान जिले में छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित फायरिंग की घटना को लेकर राजधानी पटना का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। घटना के विरोध में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कार्यकर्ताओं और समर्थकों के विशाल समूह ने जेपी गोलंबर से लोकभवन के लिए विरोध मार्च निकाला। हाथों में तिरंगा और सरकार विरोधी पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जाम में फंसी अधिकारियों की गाड़ियां
मार्च को देखते हुए राजधानी के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उपद्रव रोकने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील चौराहों पर लाठी और इंसास राइफल से लैस पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती की गई है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान इनकम टैक्स चौराहे के पास सुरक्षा बलों की अत्यधिक मौजूदगी और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। वाहनों के भारी दबाव के बीच लगभग आधे घंटे तक बीजेपी कार्यालय के समीप पटना के डीएम, एसएसपी और एक आईआरएस (IRS) अधिकारी का वाहन जाम में फंसा रहा। बाद में सुरक्षा गार्डों ने किसी तरह अधिकारियों की गाड़ियों को जाम से बाहर निकाला।
लालू यादव की अपील और RJD का राजनीतिक हमला
इस विरोध मार्च को लेकर राजद के शीर्ष नेतृत्व ने पहले ही रणनीतिक तैयारी कर ली थी। RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में इस मार्च में शामिल होने का आह्वान किया था। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू हुआ यह लगभग 5 किलोमीटर लंबा मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए आगे बढ़ा। मार्च के समापन पर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल सिवान की घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा।
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