नई दिल्ली : पीएम मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की। यह मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ 100 सप्ताह तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान है। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक बदलाव का दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशा-मुक्त समाज के निर्माण में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए देशभर में हर रविवार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
पीएम मोदी बोले- सामूहिक प्रयासों में बहुत ताकत
अभियान की शुरुआत करते हुए PM मोदी ने कहा कि पूरे देश में ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों में बहुत ताकत होती है और इसी शक्ति के माध्यम से यह अभियान देश के युवाओं तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज पूरे देश में ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ शुरू हो रहा है। सामूहिक प्रयासों में बहुत ताकत होती है और आज उसी ताकत के दम पर यह अभियान हर युवा के दिल को छूने जा रहा है।” उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और यह संकल्प अगले 100 सप्ताह तक लगातार आगे बढ़ता रहेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि यह अभियान व्यक्ति, परिवार और समाज के साथ-साथ पूरे देश के लिए है। उन्होंने कहा कि जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब यह जरूरी है कि देश के युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वास से भरे और नशे की जानलेवा लत से दूर रहें। PM के अनुसार, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ‘विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत ‘नशा-मुक्त युवा’ पहल शुरू की गई है।
काशी से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी शुरुआत
PM ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष काशी से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि अब करोड़ों देशवासियों के कल्याण के लिए 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन इस पहल से जुड़ चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नशे और ड्रग्स के खिलाफ अभियान में सरकार मजबूती के साथ युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि देश में नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। PM ने कहा कि पहले की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई हैं। उनके अनुसार, यह ड्रग्स के खिलाफ सरकार की सख्ती को दर्शाता है।
बच्चों से खुलकर संवाद करने की अपील
PM ने कहा कि यदि कोई युवा गलती से नशे की चपेट में आ गया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसके लिए सभी रास्ते बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का कोई बच्चा नशे का शिकार हो जाता है, तो सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण इस समस्या को छिपाना नहीं चाहिए। जरूरत पड़ने पर उचित सहयोग लेना चाहिए और मेडिकल मदद के माध्यम से बच्चे को नशे से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए। पीएम मोदी ने परिवारों में बच्चों के साथ खुलकर संवाद करने की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसी युवा के नशे के जाल में फंसने से पहले ही उसकी मदद की जा सकती है। PM ने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी क्षमता और भविष्य को सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ड्रग्स कुछ समय के लिए उत्साह या नशे का अनुभव दे सकते हैं, लेकिन इससे करियर और परिवार पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
दुश्मन देशों की साजिश का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई युवा नशे की लत का शिकार होता है, तो नुकसान केवल उस व्यक्ति का नहीं होता, बल्कि उससे जुड़े एक सपने का भी अंत हो जाता है। उन्होंने कहा कि दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में फंसाने के लिए विभिन्न साजिशें रचते हैं। PM के अनुसार, भारत जैसे देश को कमजोर करने की मंशा से ड्रग्स की आपूर्ति से लाभ उठाना उनके आतंक-प्रेरित एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने युवाओं से नशे और ड्रग्स के खतरों को समझने तथा इससे दूर रहकर देश के विकास में अपनी क्षमता का योगदान देने की अपील की।




