रांची : झारखंड के CM हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर PM नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। रूपी सोरेन ने बुधवार देर शाम रांची के एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनके निधन के बाद PM मोदी ने आज यानी गुरुवार को सोशल मीडिया पर अंग्रेजी, हिंदी और संताली भाषा में शोक संदेश लिखा। खास बात यह रही कि संताली भाषा में उन्होंने ओल चिकी लिपि में संदेश साझा किया। PM मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “रूपी सोरेन जी के निधन से बहुत दुख हुआ है। उन्होंने सदैव जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए। शोक की इस घड़ी में हेमंत सोरेन जी, कल्पना जी और उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।” PM की ओर से संताली भाषा में ओल चिकी लिपि में संदेश लिखे जाने को संताल समुदाय के बीच खास महत्व वाला माना जा रहा है।
Pained by the passing of Rupi Soren Ji. She always worked for empowering tribal communities. In this hour of grief, my thoughts are with Hemant Ji, Kalpana Ji and their entire family.
रूपी सोरेन जी के निधन से बहुत दुख हुआ है। उन्होंने सदैव जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए। शोक की इस घड़ी में हेमंत सोरेन जी, कल्पना जी और उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
ᱨᱩᱯᱤ ᱥᱚᱨᱮᱱᱮ ᱵᱟᱹᱜᱤᱭᱟᱜ ᱵᱚᱱ ᱛᱮ ᱟ.ᱰᱤ ᱫᱩᱠᱤᱧ ᱟᱴᱠᱟᱨᱮᱫ ᱠᱟᱱᱟ᱾ ᱱᱤᱭᱟᱹ ᱫᱩᱠ ᱚᱠᱛᱮ ᱨᱮ ᱤᱧᱟᱹᱜ ᱡᱤᱣᱤ ᱨᱟᱲᱮᱡ ᱫᱚ ᱦᱮᱢᱚᱱᱛ ᱡᱤ, ᱠᱚᱞᱯᱚᱱᱟ ᱡᱤ ᱟᱨ ᱩᱱᱤᱭᱟᱜ ᱥᱟᱱᱟᱢ ᱜᱷᱟᱨᱚᱧᱡᱽ ᱨᱮᱱ ᱠᱚ ᱥᱟᱸᱣᱛᱮ ᱢᱮᱱᱟᱜ-ᱟ᱾
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2026
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करीब 80 साल की उम्र में हुआ निधन
रूपी सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व CM दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। करीब 80 साल की उम्र में बुधवार शाम लगभग 8:30 बजे रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया। रूपी सोरेन को सांस लेने में परेशानी के बाद 18 सितंबर से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल के दिनों में उनकी हालत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। रूपी सोरेन का निधन शिबू सोरेन के अगस्त 2025 में निधन के करीब 14 महीने बाद हुआ है। पति के निधन के बाद परिवार पर यह एक और बड़ा दुख है।
हेमंत सोरेन ने भी मां को याद कर कही थी भावुक बात
CM हेमंत सोरेन ने भी मां के निधन के बाद भावुक पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि बाबा के जाने के बाद मां ही उनकी सबसे बड़ी छांव थीं और अब वह भी प्रकृति की गोद में समा गईं। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रूपी सोरेन को संघर्ष, बलिदान और धैर्य का प्रतीक बताया।
पीएम मोदी ने संताली में क्यों लिखा शोक संदेश?
PM मोदी का संताली भाषा में ओल चिकी लिपि में संदेश सामने आना भी चर्चा में है। संताली भाषा संताल समुदाय की प्रमुख भाषा है और इसे झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और असम के अलावा बांग्लादेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में भी बोला जाता है। संताली ऑस्ट्रोएशियाटिक भाषा परिवार की मुंडा शाखा की भाषा है। भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में संताली भी शामिल है।
1925 में बनी थी ओल चिकी लिपि
ओल चिकी लिपि को 1925 में पंडित रघुनाथ मुर्मू ने विकसित किया था। इससे पहले संताली भाषा को देवनागरी, बंगाली, ओड़िया और लैटिन जैसी अलग-अलग लिपियों में लिखा जाता था। ओल चिकी के आने के बाद संताली भाषा को अपनी अलग लिखित पहचान मिली। इससे संताली साहित्य, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा मिला। हाल के वर्षों में संताली भाषा में संविधान के प्रकाशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी काम हुआ है। PM नरेंद्र मोदी पहले भी हुल दिवस और दूसरे जनजातीय पर्वों के मौके पर संताली भाषा में सोशल मीडिया पोस्ट कर चुके हैं।
नेमरा में आज होगा रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार
रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को रामगढ़ जिले के नेमरा में होगा। अंतिम संस्कार को लेकर झारखंड सरकार और जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। बड़ी संख्या में लोगों के नेमरा पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जा रही है। राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के भी अंतिम विदाई में शामिल होने की उम्मीद है। रूपी सोरेन के निधन पर झारखंड के अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं ने भी शोक जताया है। सोरेन परिवार के लिए यह बेहद दुख की घड़ी है।





