रांची: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश और न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित इस जेल अदालत के माध्यम से 10 बंदियों को रिहा किया गया।
15 न्यायिक पीठों ने की मामलों की सुनवाई
जेल अदालत के सफल संचालन के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों को मिलाकर कुल 15 बेंचों का गठन किया गया था। अदालत के समक्ष विभिन्न न्यायालयों में लंबित 49 बंदियों के मामले रखे गए थे।
सुनवाई के दौरान सभी न्यायिक दंडाधिकारियों ने बारी-बारी से मामलों पर विचार किया और 10 अभियुक्तों के मामलों का निष्पादन करते हुए उन्हें रिहाई का लाभ प्रदान किया।
भोजन की गुणवत्ता और जेल सफाई का निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एस. बी. शर्मा और डालसा सचिव राकेश रौशन ने कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की गहन जांच की। जांच में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही डालसा सचिव ने जेल परिसर में बेहतर साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर और जागरूकता
इस अवसर पर बंदियों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि समय-समय पर बंदियों की स्वास्थ्य जांच जरूरी है, ताकि गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाया जा सके। इसके साथ ही आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों को नालसा और झालसा द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।
Read more : चंदवा-लोहरदगा सड़क हादसे में 6 की मौत, DC ने भारी वाहनों पर लगाई रोक
कार्यक्रम में न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा, भूपेश चंद्र समद, अभिषेक श्रीवास्तव, प्रशांत गुप्ता, नुमान आजम खान, प्रशांत कुमार वर्मा, सृष्टि कुमारी, अर्चना कुमारी, खुशबू त्यागी, रित्विका सिंह, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार यादव, काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर, कारापाल लवकुश कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।








