राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद पेपर लीक कानून लागू, 10 साल की सजा और 10 करोड़ तक जुर्माना

नई दिल्ली : पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर रोक लगाने के उद्देश्य से संसद से पारित ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह

पेपर लीक

नई दिल्ली : पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर रोक लगाने के उद्देश्य से संसद से पारित ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह कानून अब देशभर में लागू हो गया है। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ था। केंद्र सरकार के अनुसार, नए कानून का उद्देश्य सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा लाखों युवाओं के हितों और भविष्य की सुरक्षा करना है।

Read More : श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले एमएस धोनी संग जिम में नजर आए ऋषभ पंत

राज्यसभा और लोकसभा से पारित हुआ विधेयक

सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राज्यसभा ने गुरुवार को ध्वनि मत से पारित किया था। इससे एक दिन पहले लोकसभा ने भी इस विधेयक को मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति मिलने के बाद विधेयक ने कानून का रूप ले लिया है। सरकार का कहना है कि यह कानून पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

दोषियों के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान

संशोधित कानून के तहत सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली करने, पेपर लीक में शामिल होने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को पांच से 10 साल तक की कैद हो सकती है। इसके साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है। पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और सिंडिकेट के खिलाफ भी कानून में कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषियों को कम से कम सात साल की कैद और कम से कम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

पीएम मोदी ने कहा- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे

विधेयक के संसद से पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून बनाने का महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक और नवीनतम तकनीक के उपयोग को जरूरी बताया। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि कोई भी पेपर लीक माफिया छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *