रांची: दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की रांची शाखा द्वारा आज मंगलवार को आईसीएआई भवन, रांची में आईसीएआई की कमिटी फॉर रिव्यू ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के तत्वावधान में सीए पाठ्यक्रम में प्रस्तावित बदलावों को लेकर एक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, शैक्षणिक विशेषज्ञों एवं सीए फाइनल के विद्यार्थियों से महत्वपूर्ण सुझाव आमंत्रित किए गए।
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कार्यक्रम में रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनीश जैन ने काफी संख्या में उपस्थित चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, सीए फाइनल के विद्यार्थियों और अन्य विशेषज्ञों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बदलते आर्थिक एवं व्यावसायिक परिवेश में सीए पाठ्यक्रम को समयानुकूल बनाना अत्यंत आवश्यक है। इस आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य पाठ्यक्रम को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों के विचार प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि अनुभवी चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के सुझाव पाठ्यक्रम की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने अनुभव एवं रचनात्मक सुझाव साझा करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान सीए पाठ्यक्रम के तीनों चरणों फाउंडेशन, इंटरमीडिएट एवं फाइनल के साथ-साथ आईटी प्रशिक्षण और सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग में आवश्यक सुधारों पर चर्चा की गई।
ये रहे शामिल
रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, सचिव सीए दिलीप कुमार, सीए स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए हरेन्दर भारती एवं आईटी फैकल्टी सीए सुभद्रा कुमारी ने भी अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों से सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कोल इंडिया के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी सीए सुनील मेहता ने भी पीएसयु और कंपनियों के लिए जरुरी अहर्ता के लिए सीए कोर्स में शामिल करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए।




