हजारीबाग: NH-33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा भुगतान में कथित अनियमितता के आठ साल पुराने मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग ने गुरुवार को दो प्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में हजारीबाग के मेरू निवासी बालेश्वर प्रसाद (69) और कटकमदाग थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी प्रवीण कुमार सिन्हा (63) शामिल हैं।
ACB के अनुसार हजारीबाग थाना कांड संख्या 13/2018, दिनांक 18 सितंबर 2018 में तत्कालीन सहायक, प्रधान सहायक, अमीन, कानूनगो समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी, 406 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
तत्कालीन अमीन और प्रधान सहायक गिरफ्तार
मामला रामगढ़ जिले के मांडू अंचल के मौजा जोड़ाकरम की जमीन से जुड़ा है। ACB के मुताबिक खाता नंबर 126, प्लॉट नंबर 2677, कुल रकबा 1.92 एकड़ जमीन एनएच-33 चौड़ीकरण परियोजना के लिए अधिग्रहित की गयी थी। इस जमीन के लिए निर्धारित पंचाट संख्या-02 के तहत मुआवजा भुगतान में अनियमितता बरते जाने का आरोप है।
अनुसंधान के क्रम में ACB ने आज 1 अक्टूबर को बालेश्वर प्रसाद को गिरफ्तार किया। वह मामले में तत्कालीन अमीन, मांडू अंचल, रामगढ़ के पद पर कार्यरत थे। दूसरे आरोपी प्रवीण कुमार सिन्हा को भी गिरफ्तार किया गया है। वह तत्कालीन प्रधान सहायक, जिला भू-अर्जन कार्यालय, रामगढ़ में पदस्थापित थे। ACB ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. आठ वर्ष पुराने इस मामले में अब हुई गिरफ्तारी से एनएच-33 के जमीन मुआवजा भुगतान में हुई कथित अनियमितताओं की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गयी है।





