नयी दिल्ली : कामयाबी का मतलब मोटी कमाई नहीं होता। असली सफलता तब है, जब इंसान अपने जुनून के साथ समझौता करने से इनकार कर दे, चाहे सामने कितना भी बड़ा ऑफर या जैकपॉट क्यों न हो। जिसमें पैशन हो, उसी क्षेत्र की बुलंदियों को छूना ही असल जीत है। गोवा की अभिडा बैरेटो ने अपने पक्के इरादे और जुनून से देश के युवाओं के सामने शानदार मिसाल कायम की है। कैनाकोना की रहने वाली 23 वर्षीय अभिडा ने पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC) से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट और मेडिकल ऑफिसर के रूप में कमीशन हासिल किया है।
स्कूल में ही लिया था फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक अभिडा का परिवार सैन्य पृष्ठभूमि से नहीं है। लेकिन स्कूल के दिनों में सेना की वर्दी पहने एक अधिकारी को देखकर उनके मन में देशसेवा का सपना जागा था। कक्षा 12वीं के दौरान शिक्षकों ने उन्हें सेना के AFMC संस्थान के बारे में बताया, जहां डॉक्टर बनने के साथ-साथ देश की सेवा करने का अवसर मिलता है। तभी उन्होंने इस दिशा में आगे बढ़ने का फैसला कर लिया।
नीट की गोवा टॉपर
लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभिडा ने कड़ी मेहनत की और नीट यूजी ( NEET UG 2021 ) में गोवा में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने 720 में से 680 मार्क्स (पर्सेंटाइल 99.93)हासिल किए। ये स्कोर 2021 तक किसी भी गोवा के विद्यार्थी द्वारा प्राप्त किया गया सबसे अधिक स्कोर था। इसके लिए उन्होंने दो साल तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कड़ी मेहनत की थी।
नीट में गोवा टॉपर बनने पर कैनाकोना नगर परिषद ने उनका सम्मान भी किया। तब उनके पास AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से MBBS करने का मौका था। लेकिन उन्होंने देशसेवा को प्राथमिकता देते हुए AFMC को चुना। वह AIIMS और JIPMER से एमबीबीएस कर नामी डॉक्टर बन सकती थी। डॉक्टरी की प्रतिष्ठित डिग्रियों के दमपर मरीजों से ऊंची फीस लेकर मोटा पैसा कमा सकती थीं पर उन्होंने अपने ख्वाब और जुनून को सर्वोपरि रखा।



