राँची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.सीआईडी टीम द्वारा की गई छापेमारी और पूछताछ के बाद इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों में जेपीएससी की श्वेता गुप्ता शामिल हैं. वहीं परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल से अभय कुमार, राजवीर सिंह और एजेंसी के दो अन्य कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है. हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई.
JPSC कार्यालय से आउटसोर्सिंग एजेंसी तक पहुंची आंच
मंगलवार को CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी. इसके तुरंत बाद जांच की आंच परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल तक पहुंच गई. जेपीएससी कार्यालय को खंगालने के बाद सीआईडी की टीम ने टीडीपीएल के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. कार्रवाई के बाद जांच टीम ने टीडीपीएल के कार्यालय को पूरी तरह से सील कर दिया है.
जब्त किए गए दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सीआईडी ने जेपीएससी की असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ताको हिरासत में लेकर पूछताछ की और कार्रवाई को आगे बढ़ाया. श्वेता गुप्ता की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार, 22 मई को श्वेता गुप्ता का तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में कर दिया गया था. इसके बावजूद उन्होंने पुनः जेपीएससी में आकर कार्यभार संभाल लिया. आरोप है कि आयोग कार्यालय के अन्य कर्मचारियों को दरकिनार कर परीक्षा से जुड़े अधिकांश महत्वपूर्ण और गोपनीय कार्य अकेले श्वेता गुप्ता के पास ही केंद्रित रखे गए थे.
जांच जारी, अन्य खुलासों की उम्मीद
सीआईडी और रांची पुलिस की टीम एजेंसी से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों और गिरफ्तार आरोपियों से गुप्त स्थान पर गहन पूछताछ कर रही है, हालांकि सीआईडी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन बरामद किए गए डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच से इस धांधली में कई अन्य बड़े नामों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है.




