रांची : झारखंड राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (झालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश और न्यायायुक्त सह अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में 12 सितंबर को रांची व्यवहार न्यायालय में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा. इस आयोजन की तैयारियों को लेकर बुधवार को रांची स्थित मीटिंग हॉल में न्यायायुक्त की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में व्यवहार न्यायालय रांची के सभी न्यायिक पदाधिकारी और न्यायिक दंडाधिकारी उपस्थित थे.
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अधिक से अधिक वादों का निस्तारण ही मुख्य लक्ष्य
बैठक को संबोधित करते हुए न्यायायुक्त ने संबंधित न्यायालयों को अधिक से अधिक मामलों में नोटिस तामिला कराने के निर्देश दिए, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा लंबित वादों का निपटारा हो सके. उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य मुकदमों के बोझ को कम करना है, इसलिए संबंधित मामलों को चिन्हित कर तेजी से नोटिस जारी किए जाएं.
इन मामलों का होगा त्वरित समाधान
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से वादकारियों के समय और धन दोनों की बचत होती है. 12 सितंबर को आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में निम्नलिखित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा :
आपराधिक सुलहनीय (कंपाउंडेबल) मामले और दीवानी विवाद
चेक बाउंस (Section 138 NI Act) एवं श्रम विवाद
पारिवारिक व वैवाहिक विवाद
बिजली, पानी, वन विभाग और उत्पाद से जुड़े मामले
ट्रैफिक चालान, भूमि अधिग्रहण, मोटर यान और माप-तौल से संबंधित मामले
डालसा सचिव ने आम जनता और वादकारियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटारा कराएं.



