रांची । झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न छात्र संगठनों ने 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। इसी बीच विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन एनडीए गठबंधन की सहयोगी के विधायक निर्मल महतो छात्रों के समर्थन में पोस्टर लेकर सदन पहुंचे।
पोस्टर में कथित तौर पर विभिन्न सरकारी पदों के लिए तय “रेट चार्ट” का उल्लेख किया गया था तथा भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। निर्मल महतो ने आरोप लगाया कि झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए कथित तौर पर रेट तय किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि डीएसपी के लिए 1.20 करोड़ रुपये, सीओ के लिए 1 करोड़ रुपये, बीडीओ के लिए 90 लाख रुपये, एफआरओ के लिए 80 लाख रुपये, जेएसएससी सीजीएल के लिए 70 लाख रुपये, पीजीटी के लिए 30 लाख रुपये, एसआई के लिए 39 लाख रुपये तथा अन्य पदों के लिए भी अलग-अलग रकम निर्धारित होने की बात सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उधर आंदोलनरत छात्र शुरू से ही अपनी मांगें पूरी करने या जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास ही शिक्षा विभाग का प्रभार होने के कारण विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। हालांकि बैठक कहां और किस स्वरूप में होगी, इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। छात्र चाहते हैं कि वार्ता ऐसे स्थान पर हो, जहां मीडिया को भी मौजूद रहने की अनुमति मिले ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी राहुल क्रांति ने एएनआई से बातचीत में कहा कि छात्र बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपना रही है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल का तीसरा दिन होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात नहीं की है। राहुल क्रांति ने कहा कि यदि सरकार अपनी एजेंसियों से जांच करा रही है तो फिर मामले की सीबीआई जांच कराने में क्या आपत्ति है। उन्होंने मांग दोहराई कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।




