रांची: मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा की ओर से स्वर्गीय बंसीलाल गोठी की पुण्यतिथि के अवसर पर डोरंडा बाजार स्थित श्री राम भरत मिलाप कार्यालय में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रांची के विभिन्न इलाकों से पहुंचे 51 लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले लोगों को रक्तवीर की उपाधि दी गई। शिविर का उद्घाटन मंच के संरक्षक रोहित शारदा, बलवीर जैन, आनंद गोठी, अर्चना गोठी, संपत लाल रामपुरिया, मंच अध्यक्ष ऋषभ रामपुरिया और लायंस क्लब ऑफ रांची एकलव्य ग्रेटर के प्रोजेक्ट चेयरपर्सन रामचंद्र अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर मंच के संरक्षक रोहित शारदा ने कहा कि जिस तरह देश की सीमा पर सैनिक अपना कर्तव्य निभाते हैं, उसी तरह प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को भी समय-समय पर रक्तदान कर अपना सामाजिक दायित्व निभाना चाहिए। रक्तदान से जरूरतमंद लोगों की जान बचाने में मदद मिलती है। स्वर्गीय बंसीलाल गोठी के पुत्र आनंद गोठी और उनकी पत्नी अर्चना गोठी ने कहा कि इस तरह के सामाजिक और जनहित के कार्यों के लिए जब भी संस्था को उनकी जरूरत होगी, वे सहयोग के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
शिविर में कुल 51 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। रक्त संग्रह का कार्य मधुसूदन ट्रस्ट हेल्थ प्वाइंट, रांची की टीम ने किया। इसके संचालक विवेक गौरव सहित उनकी टीम ने सुबह से शाम तक रक्त संग्रह में सहयोग किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच अध्यक्ष ऋषभ रामपुरिया ने की। मंच संचालन संरक्षक रोहित शारदा ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत कोषाध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल और धन्यवाद ज्ञापन सचिव राघव शारदा ने किया। कार्यक्रम के संयोजक मनीष खटोड़ और मयंक बेगानी रहे। शिविर के आयोजन में श्री राम भरत मिलाप समिति, लायंस क्लब ऑफ रांची एकलव्य ग्रेटर और जैन श्वेतांबर संघ रांची ने सहयोग किया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में रक्तदाता मौजूद रहे। इस अवसर पर बीके विजय, सरदार अशोक सिंह, संपत लाल रामपुरिया, शंभू गुप्ता, हरि प्रसाद विजयवर्गीय, बलवीर जैन, कृष्ण कुमार पिलानिया, विनय नहाता, मधु पिलानिया, संजय अग्रवाल, पवन अग्रवाल, संजय सुल्तानिया, सौविक विजय सहित विभिन्न संस्थाओं से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे।
आयोजकों ने कहा कि रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना और जरूरतमंदों तक रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना शिविर का मुख्य उद्देश्य रहा। लोगों ने भी बढ़-चढ़कर इसमें भाग लेकर सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।




