धनबाद। धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर केंदुआडीह के पास हुए भू-धंसान और गैस रिसाव के बाद बंद सड़क को दोबारा चालू करने को लेकर उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले के जनप्रतिनिधि, बीसीसीएल के अधिकारी और तकनीकी एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उपायुक्त ने कहा कि भू-धंसान की समस्या दशकों पुरानी है। संबंधित क्षेत्र पहले से ही बीसीसीएल द्वारा खतरनाक घोषित किया जा चुका है और यहां पूर्व में भी कई बार भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में बिना वैज्ञानिक जांच के सड़क खोलना जोखिम भरा होगा।
डीसी ने बताया कि तकनीकी एजेंसी पूरे प्रभावित क्षेत्र में बोरिंग कर विस्तृत जांच करेगी। यदि जांच में कोई बड़ा खतरा नहीं पाया गया,तभी मुख्य मार्ग को यातायात के लिए खोला जाएगा. उपायुक्त ने एजेंसी को 10 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने कहा कि यदि सड़क खोलने के बाद कोई बड़ी दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी तय करना कठिन होगा,इसलिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
बैठक में जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी फोर लेन रिंग रोड योजना को लेकर उपायुक्त ने बताया कि शहर के चारों ओर रिंग रोड निर्माण की योजना पर सर्वे कार्य चल रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से यातायात का दबाव कम होगा और शहर के आस-पास नए विकास क्षेत्रों का विस्तार होगा।
वहीं,कतरास के छाताटांड़ क्षेत्र में भू-धंसान की घटना पर डीसी ने कहा कि इससे पहले टंडवाड़ी बस्ती में भी ऐसी घटना हो चुकी है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए उन्हें बेलगढ़िया या करमाटांड़ में मूलभूत सुविधाओं और रोजगार के अवसरों के साथ बसाने की योजना पर प्रशासन काम कर रहा है।




