नई दिल्ली : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को कॉकपिट के अंदर गंभीर घटना हुई। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ना पड़ा। विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे। रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार हमले में गंभीर रूप से घायल हुए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की। इस घटनाक्रम में कैप्टन के साथ यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
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कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं?
कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और फ्लाईदुबई के पायलट हैं। उपलब्ध प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह जून 2022 से फ्लाईदुबई के साथ हैं। इससे पहले उन्होंने करीब 11 साल स्पाइसजेट में काम किया था। उनका विमानन करियर शुरू होने से पहले उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। एक एविएशन सेमिनार के दौरान उनकी विमानन में रुचि बढ़ी और बाद में उन्होंने पायलट के रूप में करियर बनाया।
उड़ान के दौरान क्या हुआ?
फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों में कहा गया है कि ओमानी को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किया। घटना के दौरान विमान की ऊंचाई करीब 14,000 फीट तक तेजी से कम हुई। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश करने की कोशिश की थी। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और मकसद की जांच की जा रही है। फ्लाईदुबई ने भी घटना को लेकर अटकलों से बचने की अपील की है।
घायल कैप्टन ने कैसे मदद पहुंचाई?
रिपोर्टों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और क्रू के सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया जा सका। इस कार्रवाई को घटना के दौरान महत्वपूर्ण कदम माना गया है। विमान में मौजूद यात्रियों ने भी स्थिति संभालने में मदद की। कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को पकड़ा और उसे बांधकर नियंत्रित किया।
विमान की सुरक्षित लैंडिंग कैसे हुई?
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक डायवर्ट किया गया। विमान में यात्री के रूप में सफर कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की। इसके बाद कैप्टन स्मित मच्छार और को-पायलट को अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, विमान में 174 यात्री थे और सभी सुरक्षित रहे। बाद में यात्रियों को दूसरी उड़ान से तेल अवीव पहुंचाया गया।
दुनिया भर में कैप्टन स्मित की चर्चा
घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी भूमिका की सराहना की। कैप्टन स्मित मच्छार फिलहाल सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में उपचाराधीन हैं। भारतीय दूतावास उनकी स्थिति पर नजर रख रहा है।





