नई दिल्ली : अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने अपने हालिया ‘जनरेशन गटर’ वाले बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। कुछ समय पहले जंतर-मंतर पर जेन-जी के प्रदर्शन और कुछ युवा हिंदू महिलाओं को लेकर दी गई उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हुई थी। अब उन्होंने इस पूरे विवाद पर अपनी बात रखी है।
कंगना ने कहा कि उनका बयान देश के सभी युवाओं के लिए नहीं था। उन्होंने दावा किया कि वे केवल युवाओं के एक विशेष वर्ग का जिक्र कर रही थीं।
किस संदर्भ में दिया था बयान?
कंगना रनौत ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी विशेष रूप से उन लोगों के लिए थी जो खुद को ‘कॉकरोच’ कहते हैं। उनका कहना था कि यदि कोई खुद को इस तरह संबोधित करता है, तो उनकी टिप्पणी को उसी संदर्भ में देखा और समझा जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यदि युवाओं के किसी खास हिस्से में ड्रग्स, सट्टेबाजी, जुआ या डार्क वेब जैसी लत की बात उठाई जाती है, तो इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि पूरी युवा पीढ़ी को एक जैसा ठहराया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि उनका निशाना कुछ चुनिंदा लोग और महिलाएं थीं, पूरी जेन-जी पीढ़ी नहीं।
क्या था ‘जनरेशन गटर’ विवाद?
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी प्रदर्शनों के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। प्रदर्शन से जुड़ी कुछ रील्स और वीडियो पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने ‘जनरेशन गटर’ शब्द का प्रयोग किया था।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा शैली पर भी सवाल खड़े किए थे। इस बयान के वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया था और उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।
कंगना रनौत का वर्क फ्रंट
काम के मोर्चे पर बात करें तो कंगना रनौत को हाल ही में फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में देखा गया था। मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी यह फिल्म कामा हॉस्पिटल की नर्सों और स्टाफ की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मरीजों की जान बचाई थी। यह फिल्म 14 अगस्त से जी5 (ZEE5) पर स्ट्रीम होगी।








